एक हजार एकड़ से अधिक सरकारी जमीन की सौदेबाजी का मास्टरमाइंड ब्यासमुनि गिरफ्तार,SP ने किया खुलासा

रामानुजगंज (पृथ्वीलाल केशरी)।सरगुजा संभाग के लुण्ड्रा के ग्राम रिरी में सैकड़ों एकड़ शासकीय भूमि को राजस्व अधिकारियों की मिली भगत से जमीन बेचने की तैयारी की जा रही थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तहसीलदार की शिकायत पर 24 लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया था। इस मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। जबकि मामले का एक और मास्टर माइंड अभी भी फरार बताया जा रहा है। गौरतलब है कि लुण्ड्रा के ग्राम रिरी में राजस्व अधिकारियों के साथ साठगांठ कर छोटे झाड़ के जंगल की लगभग 1132 एकड़ शासकीय भूमि के राजस्व रेकॉर्ड में हेराफेरी कर 32 भूखण्ड में विभक्त कर गांव के ही अज्ञात यादव परिवार के 19 सदस्यों के नाम करवा लिया गया था।
उक्त मामले के मास्टर माइंड ब्यासमुनि यादव नगरपंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 03 रामानुजगंज एवं जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के ग्राम इंदरपुर निवासी 45 वर्षीय व्यास मुनि यादव पिता लालजी यादव व दस्तखीर ने रायगढ़ के फतेहपुर कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के अधिकारियों से बिक्री हेतु बात भी कर ली थी। राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर राजस्व रेकॉर्ड में छेडख़ानी कर कुछ लोगों द्वारा बिक्री किए जाने हेतु सौदा किए जाने की शिकायत वर्ष 2011 में जनप्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर से की गई थी।
शिकायत पर अपर कलेक्टर निर्मल तिग्गा ने तात्कालीन तहसीलदार बालेश्वर राम ने मामले की जांच की थी। जांच के दौरान यह पाया गया था कि ग्राम रिरी में खसरा नंबर 138 राजस्व मद की भूमि के राजस्व अभिलेख में फर्जी तरीके से अज्ञात यादव परिवार के 19 सदस्यों एवं परिचितों के नाम दर्ज कर लिया गया है।
जांच के दौरान यादव परिवार का ग्राम रिरी में कोई अस्तित्व होना नहीं पाया गया। जांच होने की जानकारी होने के बाद हल्का पटवारी द्वारा बिना वैधानिक आदेश के उक्त भूमि को पुन: निजी मद से शासकीय मद में दर्ज कर लिया गया था। शासन द्वारा इस मामले में तात्कालीन हल्का पटवारी सहित 5 राजस्व अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ 420 व 34 का जुर्म दर्ज कर लिया गया था।
लेकिन सत्ता के शीर्ष तक पहुँच रखने वाले रामानुजगंज विधानसभा के नामचीन नेता के कहने पर मामला को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। लेकिन इन दिनों अम्बिकापुर मे नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सदानन्द कुमार ने पुराने प्रकरणों की फाइल जांचने के दौरान उक्त सामने आने के बाद जाँच पड़ताल शुरू कर दी गई थी।
वहीं पुलिस अधीक्षक सदानन्द कुमार जब बलरामपुर में पदस्थ थे उसी दौरान जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के ग्राम इंदरपुर में जमीन घोटाले के मामलें में जो तथ्य सामने आए थे, उसके आधार पर प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक सदानन्द कुमार द्वारा आगे बढ़ाते हुए। उक्त मामले के मास्टर माइंड व्यास मुनि यादव को उसके घर से पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पुलिस ने व्यास मुनि यादव को धारा 420, 467, 468, 471,120 बी के तहत गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पूर्व में रामचंद्रपुर के  ग्राम गाजर निवासी एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। पुलिस के अनुसार मामले में पांच राजस्व अधिकारी भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है। इसमें तीन पटवारी,एक बंदोबस्त अधिकारी व एक कानूनगो शाखा का कर्मचारी शामिल हैं।
पुलिस के जांच में यह भी बात सामने आई हैं कि उक्त मास्टर माइंड आरोपी व्यास मुनि यादव रामानुजगंज क्षेत्र में राजनीति रसूख भी रखता है। और विधायक प्रतिनिधि भी है। पूर्व में उपसरपंच व जनपद सदस्य भी रह चुका है। मास्टरमाइंड व्यासमुनि यादव अपने आपको वर्तमान विधायक का प्रतिनिधि बताते हुए पूरे क्षेत्र में काम करता है।
इन्दरपुर मामले में सभी आरोपियों ने बलरामपुर-रामानुजगंज क्षेत्र में भी 250 एकड़ शासकीय भूमि के रेकॉर्ड में हेराफेरी करते हुए उसे एस.के.एस. इस्पात व फतेहपुर कोलमाइंस को भी बिक्री कर दी थी। इसके एवज में कम्पनी के कर्मचारियों से 1 करोड 11 लाख रुपए भी व्यास मुनि यादव ने प्राप्त कर लिया था। इस मामले में नामांतरण के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ था। मामले में चार पटवारी,एक तहसीलदार व एक नायब तहसीलदार भी शामिल हैं, उनकी भी गिरफ्तारी होनी है।

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