33 हत्या को दिया अंजाम…रात होते दर्जी बन जाता था दुर्दांत हत्यारा…पुलिस ने किया खुलासा

भोपाल–-पुलिस ने एक ऐसे शख़्स को गिरफ़्तार किया है जिसने दावा किया है कि अपने साथियों के साथ मिलकर 33 लोगों की हत्या की है। ट्रक ड्राइवर और  खलासियों को निशाना बनाता था। गिरफ़्तार व्यक्ति  रोज़ नई बात बता रहा है। पुलिस का मानना है कि  व्यक्ति आगे भी कई राज़ खोलेगा।

      भोपाल पुलिस के मुताबिक़, सरगना आदेश खामरा ने पिछले नौ सालों में साथियों के साथ मिलकर 33 हत्याएं की हैं। हत्या के बाद ट्रक में लदे सामान लूटता था।  भोपाल पुलिस उप-महानिदेशक धर्मेन्द्र चौधरी ने बताया, “आदेश खामरा और उनके गैंग ने अब तक 33 हत्या करना स्वीकार किया है। अधिकांश हत्याओं की पुष्टि हो चुकी है। लगातार खोजबीन कर रहे हैं।  मामले में पांच से छह राज्यों के कनेक्शन हो सकते हैं।

      पुलिस ने बताया कि आरोपी हाइवे पर ट्रक चालकों से दोस्ती करते थे। उन्हें नशे की गोलियां खिलाकर बेहोश करते। इसके बाद चालक और खलासी की हत्या कर ट्रक लूटकर सामानों को बेच देते थे।

                        धर्मेंद चौधरी ने बताया, आरोपियों ने मध्य प्रदेश के साथ दूसरे राज्यों में भी ट्रक चालकों की हत्या की बात को स्वीकार किया है। महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी कई घटनाओं को अंजाम दिया है।

    पिछले महीने की 15 तारीख़ को भोपाल पुलिस को एक लाश मिली थी। पतासाजी में जानकारी मिली कि लाश औबेदुल्लागंज के रहने वाले 25 साल के माखन सिंह की है। मृत व्यक्ति भोपाल से लगे इंडस्ट्रीयल क्षेत्र मंडीदीप से लोहे का सरिया लेकर ट्रक से निकला। ट्रक लावारिस हालत में भोपाल में मिला। लेकिन ड्राइवर की हत्या किसने की थी पता नहीं लग पाया। पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया। पूछताछ में उसने दूसरे लोगों का नाम बताया।  इसके बाद कुछ लोगों की गिरफ़्तारियां हुई। पूछताछ के दौारन एक के बाद एक कई राज़ सामने आए। अभी तक पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ़्तार किया है।

पेशे से दर्जी निकला हत्यारा

    आदेश खामरा को उसके साथियों की निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर के जंगलों से भोपाल पुलिस ने गिरफ़्तार किया। आदेश पेशे से दर्ज़ी हैं। भोपाल से बाहर मंडीदीप इलाक़े के मुख्य मार्केट में दुकानदारी करता है। आदेश खामरा की तीन बेटियां और एक बेटा है। पुलिस ने बताया कि दिन के वक़्त जिसे लोग मंडीदीप का जाने माने दर्जी के रूप में जानते थे। दरअसल रात्रि में वह ख़तरनाक अपराधी बन जाता था।   महाराष्ट्र के अमरावती और नासिक में दो घटनाओं में ट्रक चालकों की हत्या हुई थी। मध्य प्रदेश में इस तरह के काफ़ी मामले सामने आये है। दूसरे प्रदेशों में भी ऐसी वारदात को खामरा अंजाम दे चुका है।

जनवरी 2018 से खामरा खुद के लिए काम करना शुरू कर दिया। आदेश खामरा का साथी जयकरण पुलिस की गिरफ़्त में है। जो खामरा के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम देता था। पुलिस की मानें तो दोनों 12 से 14 टायर वाले ट्रक को निशाना बनाते थे। लूटे गए ट्रक उत्तर प्रदेश और बिहार में बिचौलियों की मदद से बेच दिए जाते थे। पुलिस के मुताबिक़, साल की शुरुआत में आदेश की मुलाक़ात जयकरण से हुई थी। इसके बाद आदेश ने अपना ख़ुद का गैंग बनाया। हर हत्या के बाद जयकरण लगभग 30 हज़ार कमाता था।

         आदेश घटना को कुछ इस तरह से अंजाम देता था कि पता नहीं लगाया जा सके कौन शामिल हैं। यही कारण है कि पुलिस को आरोपी पकड़ने में सालों लग गए।  आरोपी हत्या के बाद अपना फोन और सिम बदल लेता था। अब तक आरोपी ने 43 से अधिक फोन और 50 से ज़्यादा सिम इस्तेमाल किए हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों की दिमाग़ी हालात ठीक है। इन्हें किसी भी स्थिति में असंतुलित नहीं कहा जा सकता है।

दोस्ती के बाद नशा फिर हत्या

             पुलिस अधिकारी ने बताया कि आदेश को मालूम था कि ट्रक चालक लंबी दूरी तय करते हैं। आमतौर पर सभी ड्रायवर नशे के आदी होते हैं। इसी के चलते दोनों ड्रायवरों से दोस्ती कर लेते थे। फिर साथ मिलकर नशा करते थे। नशे में आने के बाद चालकों को शराब में ख़ास किस्म की नशे की गोली मिलाते थे।  इसके बाद हत्या कर दोनों ट्रक लेकर ग़ायब हो जाते थे।

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