हमार छ्त्तीसगढ़

अकाल का मुकाबला करने सरकारी अमला चौकस

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रायपुर  । राज्य सरकार ने 60 प्रतिशत से कम वर्षा वाली तहसीलों के लिए तहसीलवार एकीकृत आकस्मिक योजना तैयार करने  और इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्य सचिव  विवेक ढांड ने कृषि विभाग की ओर से यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इस संबंध में परिपत्र जारी कर इन तहसीलों में खरीफ फसलों को बचाने के लिए हर संभव उपाय करने तथा जरूरत के अनुसार ग्रामीण मजदूरों एवं किसानों के लिए आवश्यकतानुसार तत्काल रोजगारमूलक कार्य राष्ट्रीय महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

परिपत्र में कहा गया है कि कम वर्षा और खण्ड वर्षा के कारण प्रदेश की 27 तहसीलों में 60 प्रतिशत से कम वर्षा दर्ज हुई है। भारत सरकार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर प्रदेश के सभी जिलों के लिए आकस्मिक कार्य योजना बनाई गई है। इस वर्ष हो रही खण्ड वर्षा के कारण जहां कई जिलों की एक तहसील में सामान्य वर्षा हुई है, वहीं अन्य तहसीलों में 60 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है। इसलिए तहसीलवार एकीकृत आकस्मिक योजना तैयार कर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। तहसीलवार एकीकृत आकस्मिक कार्य योजना कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, वन, ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग से संबंधित जिला अधिकारियों के समन्वय से तैयार की जाए। योजना तैयार करते समय खरीफ फसलों की वर्तमान स्थिति का नजरी आकलन कर लिया जाए। यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि प्रभावित तहसील के इन गांवों में योजना का क्रियान्वयन किया जाना है।
प्रभावित तहसीलों में खरीफ की खड़ी फसलों के लिए यथासंभव वैकल्पिक सिंचाई सुनिश्चित की जाए। किसानों की मांग पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन देने की योजना को भी तहसीलवार एकीकृत आकस्मिक योजना में शामिल किया जाए। बहते हुए नालों आदि में अस्थायी बंधान बनाकर वहां के पानी का उपयोग फसल सिंचाई के लिए किया जाना चाहिए। कम वर्षा के कारण प्रस्तावित दूसरी फसल के लिए कृषि आदान सामग्री जैसे-खाद, बीज, कृषि यंत्र और कीटनाशकों का भण्डारण सुनिश्चित कर लिया जाए। अवर्षा की स्थिति में चारे की कमी निश्चित रूप से संभावित है। वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ आपसी समन्वय से पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने कार्रवाई की जाए। वन क्षेत्रों और गांवों में उपलब्ध पड़ती भूमि में चारा उत्पादन के लिए कार्य योजना बनाई जाए। अवर्षा की स्थिति में ग्रामीण मजदूरों एवं किसानों को आवश्यकतानुसार तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जरूरी व्यवस्था की जाए।
विगत 26 अगस्त की स्थिति में जिन तहसीलों में 60 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है। उनमें कोरिया जिले की बैकुण्ठपुर, खड़गवां, जशपुर जिले की जशपुर, फरसाबहार, महासमुन्द जिले की पिथौरा, बागबाहरा, रायपुर जिले की आरंग, अभनपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले बिलाईगढ़, गरियाबंद जिले की गरियाबंद, राजिम, मैनपुर, छुरा, राजनांदगांव जिले की छुरिया, खैरागढ़, डोंगरगांव, चौकी, मोहला, बालोद जिले की बालोद, गुरूर, धमतरी जिले की मगरलोड, कांकेर जिले की भानुप्रतापपुर, दुर्गकोन्दल, पखांजूर, बस्तर जिले की बस्तर, दंतेवाड़ा जिले की कुआकोण्डा तथा बीजापुर जिले की उसूर तहसील शामिल हैं।

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