अजीब बात है..जंगल में थाना और बस्ती में शराब दुकान…युवकों ने कहा साहब हमारी बहन बेटियों पर दया करो

बिलासपुर—-बैस राजपूत क्षत्रीय समाज के तीन युवकों ने तैश में आकर भरी दोपहर में कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट के सामने पोस्टर लेकर धरना पर बैठ गये। तीनों युवकों ने कहा कि हम भी गंदगी विरोधी और सफाई पसंद है। सरकार जनता को मूर्ख बना रही है। सफाई करने वालों को शहर से बाहर और गंदगी को शहर के बीच में स्थापित कर दिया है। सिरगिट्टी क्षेत्र का थाना शहर से बाहर है। समाज को गंदा बनाने के लिए जिम्मेदार शराब दुकान को ठीक रेलवे फाटक के पास खोल दिया गया है। जब तक शराब दुकान हटाया नहीं जाता है हम धरना प्रदर्शन करेंगे। जरूरत पड़ी तो आत्मघाती कदम भी उठाएंगे। युवकों ने कहा हम शराब बंदी के नहीं बल्कि स्थान बदलने के हिमायती हैं।

                       अपने आप और सरकार की पोलिसी से नाराज बैस क्षत्रीय समाज के तीन युवकों ने चिलचिलाती धूप में कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन दिया। युवकों के हाथ में शराब दुकान के स्थान बदलने की मांग को लेकर पोस्टर भी था।

               युवकों ने बताया कि आज दूसरी बार सिरगिट्टी रेलवे फाटक से शराब दुकान हटाने को लेकर जिला प्रशासन को पत्र दिया है। इसके पहले भी पत्र दे चुके हैं। लेकिन जिला प्रशासन हमारी मांग को लेकर गंभीर ही नहीं है। युवकों ने बताया कि हर पन्द्रह मिनट बाद फाटक खुलता और बंद होता है। फाटक से चंद कदम दूर मुख्य मार्ग पर शराब की दुकान है। कम से कम 18 घंटे जाम की स्थिति रहती है। आए दिन शराबी स्कूल आने जाने वाली बच्चियों और राह चलती महिलाों पर फब्तियां कसते हैं। हमेशा शिकायत रहती है कि शराबी ने किसी बच्ची या महिला को पकड़ लिया है। कई बार शिकायतें भी हुई..मजाल है कि कभी जिला और पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लिया हो। क्योंकि उनके घर की बहू बेटियों को ऐसी स्थिति का सामना शायद कभी हुआ ही नहीं हो।

                       तीनों युवकों ने बताया कि समझ में नही आता कि सरकार को शराबियों की इतनी चिंता क्यों है। पहले सड़क के एक तरफ अंग्रेजी और देशी दोनों शराब की दुकान हुआ करती थी। जाहिर सी बात है कि भीड़ भी एक तरफ होती थी। लेकिन जब से दोनों दुकानों को सड़क के दोनों तरफ कर दिया है। सड़क हमेशा जाम  रहता है। पन्द्रह मिनट बाद रेल फाटक बंद होता है। भीड़ बढ़ जाती है। सामान्य स्थिति में गाली गलौच करने वाले शराबी इस समय काफी उग्र हो जाते हैं। मारपीट करने लगते हैं। कुल मिलाकर सड़क कभी भी आम लोगों के लिए सुरक्षित नहीं रहता है। ॉ

                 युवकों ने कहा अजब नियम हैं। सरकार गंदगी हटाने की बात करती है। लेकिन थाना शहर के बाहर खोलती है। गंदगी की जड़ शराब दुकान को बीच शहर में खोलकर बताना क्या चाहती है। युवकों ने बताया हमें शराब दुकान से नहीं बल्कि स्थान को लेकर एतराज है। सरकार थाने को बस्ती में खोल दे। लेकिन शराब दुकान को बीच बस्ती में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। शराब दुकान हटाने के लिए यदि आत्मघाती कदम भी उठाना पड़े तो हम उसके लिए भी तैयार हैं। लेकिन रेलवे फाटक या बस्ती के पास शराब दुकान नहीं रहने देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *