अटलः सोशल मीडिया में किसी ने लिखा कैसे दूं श्रद्धांजलि..कुछ ने कहा जननायक,अजातशत्रु और करिश्माई नेता

बिलासपुर— अटल विहारी वाजपेयी के निधन के बाद सोशल मीडिया अछूता नहीं है। लोग जननायक को अपने अपने अंदाज में श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कोई अजात शत्रू तो कोई अटल को अमर बता रहा है। एक व्यक्ति ने लिखा है कि मैं श्रद्धांजलि नहीं दूंगा..क्योंकि अटल हमारे दिल में आज भी जिंदा है।
                         भारत रत्न अटल विहारी के निधन के बाद सोशल मीडिया में लोगों की भावनाओं का समुद्र हिलोर मार रहा है। लोग अपने अपने अंदाज में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
                   शहर के जिम्मेदार नागरिक और पीएनबी वरिष्ठ प्रबंधक ललित अग्रवाल ने अपनी लम्बी कविता में लिखते हैं कि….
वह अटल अजातशत्रु… वह राजनीति का वैभव जा रहा है।
हवाओं रास्ता दो…मेरा भारत रत्न मेरा जननायक जा रहा है।
वो जब बोलता था तब लोग मंत्रमुग्ध होकर सुनते थे।
हवाओं रास्ता दो…मेरा भारत रत्न मेरा जननायक जा रहा है।
साथ उसके वाणी का सम्मोहक जा रहा है।
पोखरण में जिसकी धमक को दुनिया ने देखा
वो जिसने खींची राष्ट्र में स्वर्णिम चतुर्भुज की रेखा
हवाओं रास्ता दो..मेरा राष्ट्र रत्न मेरा देश नायक जा रहा है।
राजनीति की काली कोठरी में जो सदा बेदाग रहा।
सत्य को सदा सत्य कहने वाला अपने विचारों पर अटल रहने वाला
कवि ह्रदय विचारक जा रहा है।
हवाओं रास्ता दो मेरा राष्ट्र भक्त मेरा राष्ट्र नायक जा रहा है।
कृतज्ञ राष्ट्र,कृतज्ञ राजनीति, कृतज्ञ जनमानस निःशब्द खड़े देखते हैं।
हम इंसानों के बीच से वह देवतुल्य महामानव जा रहा है
हवाओं रास्ता दो…मेरा विश्व रत्न मेरा गणनायक जा रहा है।
*अलविदा युगपुरुष*
 मुकेश ने  सोशल मीडिया में अपनी भावनाओं को कवित्त में कुछ इस प्रकार पेश किया है..
मेरा मन उन्हें श्रध्दांजलि देने का नहीं करता.
क्योंकि…अटल जी देश के इरादो में सदा अमर रहेंगे
मनाली मत जइयो..लिखनेवाले आज जाने को बेताब है…..
कुछ लोग कह रहे अटल जी हमारे बीच नहीं रहे…
उंगलिया चल रही है…इन पंक्तियों से उन्हें नमन को जी मचल रहा है
लेकिन मैं श्रद्धांजलि नहीं दूंगा..क्योंकि अटल हमारे दिल में आज भी जिंदा हैं।
मौत से उन्होने दो दो हाथ किया है।
सबने उन्हें ऐसा करते देखा है।
ज़िन्दगी की लौ इरादो पे बनी हुई है!!
दवाओं के साथ दुआओ का दौर भी है!
थम गया लेकिन जीवन का ठौर!!
ये कौन सा पल है जो  रुक रुक कर चल रहा है!
बनाया जिसने हमर छत्तीसगढ़ …देखो  वो युग  कैसे निकल रहा है!
कदम मिलाकर चलने वाले
..एक रोज ऐसे रुक रुक जाएंगे!
चलना रुकना है रूहानी…!
 चाहे रहे जो ज़िंदगांनी…!!
युगदृष्टा यू तो आएंगे जाएंगे
नाम अटल है और मुकाम अविरल..
लेकिन मैं श्रद्धांजलि नहीं दूंगा..क्योंकि अटल अमर हैं।
 राजनीति में एक युग का अंत–त्रिलोक
            कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास लिखते हैं कि  अटल जी अजातशत्रु थे और विराट व्यक्तित्व के धनी थे। पूरी दुनिया में उनका कोई शत्रु नहीं था। राजनीतिक सिद्धांत अलग होने के बाद भी लोग अटल जी का दिल से सम्मान करते थे। भारतीय राजनीति में एक युग का अंत हो गया । अटलजी की शून्यता कभी भी पूरी नहीं की जा सकती। युगों युगों तक हिंदुस्तान अपने इस महान सपूत को याद रखेगा।
करिश्माई व्यक्तित्व
 भाजयुमों नेता रोशन सिंह लिखते हैं कि अटल का व्यक्तित्व करिश्माई था। देश ने एक करिश्माई व्यक्तित्व को खो दिया है। विरले राजनेता,प्रखर वक्ता और कवि हृदय अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन देश के राजनीतिक इतिहास में शिखर पुरुष के रूप में दर्ज रहेगा। उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

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