अनशन छोड़ सियाराम विधानसभा रवाना

IMG-20151101-WA0011बिलासपुर–बिल्हा युवा कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी मामले की दण्डाधिकारी जांच प्रगति पर है। कम से कम अपर कलेक्टर जेपी मौर्य का यही कहना है।  मामले की जांच चल रही है नतीजा भी जल्द आ जाएगा। जेपी मौर्य की माने तो मुआवजे को लेकर शासन को अवगत करा दिया गया है। वहीं राजेन्द्र तिवारी के मुद्दे को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक अनशन को छोडकर शीतकालीन सत्र में शामिल होने रायपुर पहुंच गये हैं। उन्होने बताया कि राजेन्द्र तिवारी से जुड़े एक-एक घटनाक्रम को विधानसभा ध्यानाकर्षण के जरिए उठाया जाएगा।

                          बिल्हा के तत्कालीन रिटायर्ड एसडीएम अर्जुन सिसोदिया की प्रताडना से तंग आकर राजेन्द्र तिवारी ने आत्मदाह किया। एक दिन बाद रायपुर में राजेन्द्र तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गयी। घटना के दूसरे दिन बिल्हा मोड़ के पास कांग्रेस समेत ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन कर  सात घण्टे चक्काजाम किया। जिला प्रशासन के बीच बचाव और जांच की घोषणा के बाद आंदोलन खत्म हुआ। मामले में कलेक्टर ने राजेन्द्र तिवारी और जीवन लाल मनहर के परिजनो को सहायता राशि देने की बात कही थी जो अब तक नही मिली है।

                   मालूम हो कि अर्जुन सिसोदिया की कार्यशैली का शिकार जीवन लाल मनहर की मौत केन्द्रीय जेल में हो गयी थी। लेकिन उसे भी अभी तक शासन से कोई सहायता नहीं मिली है। जीवन लाल और राजेन्द्र तिवारी के परिजन न्याय ना मिलने पर हाईकोर्ट की शरण में गए। मामले की जांच कर रहे तात्कालीन जांच अधिकारी निर्मल तिग्गा का कोड़ागांव तबादला हो गया। बाद में कलेक्टर अनबलगंन पी ने जांच का जिम्मा अपर कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य को सौपा। शासन के एक आदेश के बाद जेपी मौर्य को जिला पंचायत बिलासपुर सीईओ बनाया गया है। उन्होने बताया कि मामले की जांच चल रही है।

                         बहरहाल इतना तो तय है कि  18 दिनो के भीतर दण्डाधिकारी जांच को अब 45 दिन से अधिक हो गए हैं।  लेकिन मामले में कुछ खास प्रगति होते नही दिखाई दे रहा है। जांच अधिकारी जेपी मौर्य का कहना है कि मामले में अभी कुछ भी कहना जल्द बाजी होगी । राजेन्द्र तिवारी के मामले में लगातार सुनवाई हो रही है। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को सौंप दिया

     मौर्य ने कहा कि यदि विधानसभा से जानकारी मांगी जाएगी तो तत्काल उपलब्ध कराएंगे। राजेन्द्र तिवारी और जीवन लाल मनहर के मामले में तत्कालीन एसडीएम अर्जुन सिसोदिया पर अनिश्चित कालीन क्रमिक धरने पर बैठे बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक ने आंदोलन को बीच में ही छोडकर रायपुर पहुंच गय़े हैं। उन्होने बताया कि मामले को विधानसभा में उठाएंगे। शासन को ध्यानाकर्षण के माध्यम से घेरेंगे।

                   इधर कलेक्टर ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए एक दिन पहले सभी एसडीएम की बैठक ली थी। उन्हे निर्देश देते हुए कहा था कि किसी  को 107-116 के मामले में जेल भेजने से पहले यह तय कर ले की वह अपराध में उनके न्यायालय में पहुचा है। धारा का गलत उपयोग नही होना चाहिए ।

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