छत्तीसगढ़ विधानसभा विशेष सत्र-अनुपूरक बजट बुधवार को,दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित

रायपुर-मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन सदन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। विधान सभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी, दिवंगत राज्यपाल बलरामजी दास टण्डन और दिवंगत पूर्व मंत्री डॉ रामचंद्र सिंहदेव के निधन की जानकारी सदन को देते हुए उनका जीवन परिचय दिया। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजली देने के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार 12 सितंबर तक के लिए स्थगित हो गई।विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर ने सदन में कहा कि अटलजी का छत्तीसगढ़ के प्रति विशेष प्रेम था।उन्होंने ही उन्होंने छत्तीसगढ़ को राज्य का दर्जा दिलाया, वे लम्बे समय तक सांसद रहे। वहीं मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री सहित अटल सहित सभी दिवंगत नेताओ को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अटलजी हम सबके गुरु और पितातुल्य थे। उनकी लोकप्रियता का मुकाबला करे ऐसा कोई नेता नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि अटलजी ने अपना वादा पूरा कर छत्तीसगढ़ राज्य बनाया। छत्तीसगढ़ को कई सौगातें दी। सर्वशिक्षा अभियान की शुरुआत भी उन्होंने की थी। उनकी स्मृति में हमने छत्तीसगढ़ सशत्र बल का नाम पोखरण सशत्र बल किया है। नया रायपुर, एक्सप्रेस वे, बिलासपुर विश्वविद्यालय का नाम अटलजी के नाम पर करने का निर्णय लिया है। वही डॉ सिंह ने कहा कि स्वर्गीय रामचंद्र सिंहदेव राजा होते हुए भी फकीर की तरह जिए। वे अच्छे गोटोग्राफर भी थे।

वहीं कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने भी दिवंगत राज्यपाल, पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी और पूर्व मंत्री रामचंद्र सिंहदेव को श्रद्धाजंलि दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कोई प्रधानमंत्री हो तो अटलजी जैसा हो। विपक्ष में रहते हुए अटलजी ने आदर्श विपक्ष की भूमिका निभाई थी। टीएस सिंहदेव ने कहा कि राजनेताओं को अटलजी से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अटलजी ने मुझे भी प्रभावित किया है।

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