अपहरण बाद 1 घंटे में पीडित बरामद.. 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार..पुरानी रंजीश में चारों ने दिया घटना को अंजाम

बिलासपुर—- मस्तूरी पुलिस ने दो दिन पहले भनेसर से युवक को अगवा करने वाले चारो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। चारो आरोपियों ने 13 अगस्त को घटना को अंजाम दिया था। मामसे की जानकारी पीड़ित के साथी ने पुलिस और पीड़ित के पिता दी थी। इसके बाद घटना की सूचना के बाद सिर्फ एक घंटे के अन्दर पीड़ित कोगुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के गेट के सामने से बरामद किया गया था।
 
                  मस्तूरी पुलिस के अनुसार 13 अगस्त को प्रार्थी रमेश वस्त्रकार ने थाना मस्तूरी अपराध दर्ज कराया कि उसके बेटे आशीष वस्त्रकार को अनुराग तिवारी और उसके साथी  शाम 6  से 7 के बीच ग्राम भानेसर से अगवा कर किए हैं। बदमाशों ने आशीष वस्त्रकार के साथ मारपीट भी किया है। बेटे को लेकर बिलासपुर की तरफ भागे हैं।
 
        जानकारी मिलते ही मामले को पुलिस कप्तान के संज्ञान में लाया गया। साथ अगवा करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 294, 323, 342, 365, 34 के तहत अपराध भी दर्ज किया गया। अपहृत युवक की पतासाजी शुरू हुई। इसी दौरान जानकारी मिली कि आरोपियों ने अपहृत युवक को गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी कोनी के पास छोड़कर फरार हो गए हैं।
 
           पुलिस ने तत्काल अपहृत युवक को बरामद किया। प्राथमिक मुलायजा कराया गया। युवक ने अहरण करने वालों में आरोपी अनुराग तिवारी के अलावा उसके तीन अन्य लोगों के बारे में बताया। इसके बाद पुलि सने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान साइबर टीम का भी सहयोग लिया गया। घेराबन्दी कर चारों आरोपियों को देव नगर कोनी,बहताराई, सरकंडा और  टिकरापारा से पकड़ा गया।
 
          चारों आरोपियों ने अपना नाम अनुराग तिवारी पिता सुरेश तिवारी, अनिल कुमार पिता जवाहर ध्रुव, शुभम यादव पिता शत्रुघ्न यादव, तिलक जायसवाल पिता मुकेश जायसवाल बताया। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अनुराग तिवारी ने बताया कि पीड़ित युवक आशीष वस्त्रकार अनावश्यक रूप से उसके परिवार के साथ वाद विवाद करता था। मामले में 2 वर्ष साल पहले भी पीड़ित युवक को बैठक कर समझाइश दी गई थी । लेकिन कुछ महीनों बाद आशीष ने फिर  वाद विवाद शुरू कर दिया।
 
                  अनुराग तिवारी ने पुलिस को बताया कि आशीष को सबक सिखाने के लिए अपने दोस्तों के साथ अगवा का प्लान बनाया। इसके बाद हमने मिलकर मारापीटा। इसी बीच पुलिस का दबाव बन गया। हम लोगों ने आशीष को घटना के संबंध में हीं बताने की धमकी देकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के गेट पर छोड़ दिया।
 
           पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद अपहरण में शामिल चारों युवक को  गिरफ्तार किया गया।  घटना में प्रयुक्त दो नग मोटरसाइकिल को जब्त किया गया। चारो आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *