अब अनियमित कर्मचारियों ने खोला मोर्चा…कहा..मांग पूरी करे सरकार..अन्यथा योजनाओं पर पड़ेगा असर

बिलासपुर— चार सूत्रीय मांग को लेकर अनियमित अधिकारी और कर्मचारियों ने प्रांतव्यापी हड़ताल का शंखनाद किया है। कोन्हेर गार्डन में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन के दौरान बताया कि चार सूत्रीय मांग को लेकर अब तक शासन के सामने प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से पेश किया गया। बावजूद इसके उनकी मांगों को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। अब मांगो को लेकर छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ ने आर पार की लड़ाई का फैसला किया।

                           कोन्हेर गार्डन में आज छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ ने चार सूत्रीय मांग को लेकर हड़ताल का आगाज किया है। कर्मचारियों ने बताया कि अब से पहले कलेक्टर के माध्यम से और मुख्यमंत्री से सीधे मिलकर चार सूत्रीय मांग को पेश किया गया। इसके अलावा विधानसभा का घेराव कर रायपुर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के सामने तीसरी बार मांंगो को रखा गया। बावजूद इसके मांग पत्र पर विचार नहीं किया गया।

                            कर्मचारी संगठन के नेताओं ने बताया कि हमने शासन से संविदा दैनिक वेतन भोगी,राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं में कार्यरत अंशकालिक कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है। हर साल अनियमित कर्मचारियों को बजट के नाम पर नौकरी छूटने का डर सालता है। इसलिए जरूरी है कि अनियमित कर्मचारियों को 62 तक आर्थिक सुरक्षा दी जाए। ठेका प्रथा को बंद किया जाए। आउटसोर्सिंग से पदों की भर्तियों को नहीं भरा जाए। कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए।

                        कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगो को पूरा नहीं किया जाता है तो उग्र आन्दोलन किया जाएगा। अनियमित कर्मचारियों ने दावा किया है कि हमारे हडताल पर जाने से मनरेगा मजदूरों का भुगतान,आवास योजना समेत विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। खेती किसानी पर भी हडताल का असर पडेगा।

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