अब ग्राम पंचायत में मिलेगी पेंशन,ग्राम स्वराज में छत्तीसगढ अव्वल

रायपुर-मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इंडोर स्टेडियम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित ग्राम स्वराज अभियान के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम स्वराज अभियान के दौरान 7 प्रमुख योजनाओं का हितग्राहियों को लाभ दिलाने में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों में वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्गों को अब दूर नहीं जाना पड़ेगा। ग्राम पंचायतों के माध्यम से उन्हें ग्राम पंचायतों में ही पेंशन मिलेगी।इसके लिए जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर ने समारोह की अध्यक्षता की।मुख्यमंत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बिहान के महिला समूह देश में सबसे बेहतर और संगठित रूप से कार्य कर रहे हैं। अब तक प्रदेश के एक लाख 12 हजार बिहान के महिला समूहों को आजीविका के लिए 1480 करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर की जयंती 14 अप्रैल से 5 मई तक ग्राम स्वराज अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान 14 जिलों के चयनित 346 गांवों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, सौभाग्य, उजाला योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत पात्र शत्-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभ दिलाया गया।

इसी प्रकार मिशन इंद्रधनुष के तहत गर्भवती महिलाओं और बच्चों का शत्-प्रतिशत टीकाकरण किया गया।मुख्यमंत्री ने ग्राम स्वराज अभियान के समापन समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आयी बिहान महिला समूह की महिलाओं से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सौभाग्य योजना सहित प्रधानमंत्री द्वारा गरीबों के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आभार प्रकट करने के लिए महिलाएं प्रधानमंत्री को पोस्ट कार्ड लिखकर धन्यवाद पत्र भेजें। समारोह में उपस्थित महिलाओं ने हाथ उठाकर सहर्ष अपनी सहमति दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। अपने कार्यों से महिलाओं ने यह साबित करके दिखाया है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिसके विरूद्ध पंचायती राज संस्थाओं में 56 प्रतिशत स्थानों पर महिला प्रतिनिधि चुनकर आए। उन्होंने कहा कि नक्सल आतंक और भय के माहौल में दंतेवाड़ा की सड़कों में वाहन चलाना मुश्किल काम है।

यह महिला सशक्तिकरण का ही परिणाम है कि दंतेवाड़ा की सड़कों पर 50 महिलाएं ई-रिक्शा चला रही हैं। उन्होंने कहा अम्बिकापुर शहर को सबसे साफ-सुथरे शहर का खिताब मिला है। इसका सबसे बड़ा श्रेय महिला स्व-सहायता समूहों को है, जो घर-घर कचरा इकट्ठा करने का काम करती हैं। कांकेर में गोबर बीनने वाली महिलाएं सीताफल संग्रहण का कम कर रही हैं और सीताफल के गुदे से तैयार आईसक्रीम रायपुर जैसे शहरों में भेज रही है। बिहान के महिला स्व-सहायता समूह स्कूलों में बच्चों के लिए 22 लाख गणवेश तैयार करने का काम भी कर रही हैं। गांवों में असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने में भी महिला स्वसहायता समूहों का सराहनीय योगदान है। डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा

योजना के तहत प्रदेश के 55 लाख परिवारों को दी जा रही 50 हजार रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रूपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के 37 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि गांवों में शासन की योजनाओं के प्रति काफी जागरूकता आयी है। कौशल विकास मिशन के तहत 60 ट्रेडो में 3 से 6 माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने स्वरोजगार के लिए महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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