अब रजिस्ट्री प्रक्रिया और आसान होगी, घर बैठे पासपोर्ट प्रक्रिया जैसा ही लगेगा समय

रायपुर।राज्य शासन के फैसले के बाद प्रदेश में अब तक पांच डिसमिल से कम भूमि की 2470 रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के प्रयास राज्य शासन द्वारा किए जा रहे हैं। अब पंजीयन प्रक्रिया और भी अधिक आसान होगी। घर बैठे पंजीयन की प्रक्रिया की जा सकेगी और पंजीयन प्रक्रिया पासपोर्ट की भांति निर्धारित समयावधि में पूरी होगी। यह जानकारी आज यहां  महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय, जीएसटी भवन, अटलनगर में आयोजित पंजीयन विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई।

वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के सचिव सुबोध कुमार सिंह ने विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। पांच डिसमिल से कम रकबा की रजिस्ट्री के संबंध में जिला पंजीयकों ने बैठक में बताया कि सभी जिलों में पांच डिसमिल से कम भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। जनवरी माह में पांच डिसमिल से कम रकबा के अब तक दो हजार 470 दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। श्री सिंह ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी रजिस्ट्रियां विधिक रूप से सही-सही हो, पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए, यह भी सुनिश्चित करें कि पंजीयन कार्य कम से कम समय में पूर्ण हो सके।

इसके तहत प्री-रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी एक सप्ताह के अंदर की जाए। इस व्यवस्था के तहत इच्छुक व्यक्ति घर बैठे पंजीयन की सारी प्रक्रिया करने के बाद केवल सत्यापन के लिए पंजीयन कार्यालय में आना होगा। इससे पंजीयन प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक हो जाएगी।

सुबोध कुमार सिंह ने उप-पंजीयक कार्यालय में पदस्थ सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आवेदकों के साथ उचित व्यवहार करें और पंजीयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आवेदकों को मार्गदर्शन दें। सभी पंजीयन कार्यालयों में पक्षकारों के बैठने की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश उन्होंने दिए।

बैठक में पंजीयन कार्यालयों में एक सुझाव पुस्तिका/पेटी रखने के भी निर्देश दिए गए, जिसमें आम जनता अपनी शिकायत दर्ज कर सके। जिला पंजीयकों को इन शिकायतों पर तत्काल निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए और पंजीयन कार्यालयों में स्वाइप मशीन भी उपलब्ध कराने कहा गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कम मूल्य के ई-स्टाम्प कम समय में आम जनता को उपलब्ध हों।

इसके लिए आवेदन फार्म को सरल बनाने स्टॉक होल्डिंग कार्पोरेशन को निर्देशित किया जाए। पंजीयन कार्य के दौरान नेटवर्क/सर्वर सुचारू रूप से चले इसके लिए संबंधित सेवा प्रदाता को भी निर्देशित किया गया।

जिलों में आम जनता के उपयोग के लिए या उनकी मांग अनुसार स्टॉम्प की कहीं भी कमी नहीं होने दी जाए। राज्य में ई-स्टाम्प की सुविधा भी 300 केन्द्रों पर उपलब्ध है, जहां ई-स्टाम्प भी जारी किया जा रहा है। स्टाम्पों की समुचित व्यवस्था और अच्छे से की जाए, जिन स्टॉम्प वेंडरों के विरूद्ध स्टॉम्प में अंकित मूल्य से ज्यादा में स्टॉम्प बिक्री की शिकायत मिलती है, उन स्टॉम्प वेंडरों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में अधिकारियों को प्रदेश के जिला पंजीयक कार्यालयों में सूचनात्मक जानकारी उपलब्ध कराने, शासन द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य को भी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। जिन विभागों में पंजीयन योग्य दस्तावेज निष्पादित किए जाते हैं, जिनका पंजीयन अभी तक नहीं कराया गया है। उन विभागों को, जिसमें हाउसिंग बोर्ड, विकास प्राधिकरण, नगर निगम, उद्योग, खनिज आदि विभाग सम्मिलित हैं, को शासन स्तर से पत्र लिखा जाए और सभी जिला कलेक्टरों को अवगत कराकर इन विभागों में पंजीयन योग्य लंबित दस्तावेजों का शीघ्र पंजीयन करवाया जाए।

जिन जिलों में भुईंया कार्यक्रम में राजस्व अभिलेख अभी तक अपडेट नहीं हुए हैं, उन जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर राजस्व अभिलेख को भुईंया कार्यक्रम में अपडेट कराने निर्देशित किया गया।

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