अभ्यर्थियों की हालत गंभीर..रेल प्रशासन मौन

3(5)बिलासपुर—-भूखहड़ताल कर रेलवे प्रबंधन पर दबाव बना रहे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी डीआरएम कार्यालय पहुंचने से पहले अस्पताल पहुंचने लगे हैं। भूख हड़ताड़ पर बैठे अभ्यार्थियों की हालत दिनों दिन बिगडती जा रही है। नौकरी की उम्मीद में करीब 150 लोग हड़ताल बैठे हुए है। हड़तालियों की हालत बिगड़ने के बाद भी रेल प्रबंधन चुप्पी साधे हुए है।

             रेलवे भर्ती बोर्ड आरआरसी ग्रुप डी की परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थिओ कि शारीरिक योग्यता परीक्षा, चिकित्सकीय जांच और अन्य जरूरी दस्तावजो के सत्यापन के बाद भी अब तक नौकरी नही मिली है। साल 2010 बैच अभ्यार्थियों को पांच साल बीतने के बाद भी आज तक काल लेटर नहीं दिया गया है। रेलवे प्रबंधन की कार्यशैली से परेशान अभ्यर्थी पिछले सात दिन से डीआरएम कार्यालय के सामने भूख हड़ताड़ पर बैठे हुए है। जिसमें से पांच लोगो को हालत बिगडने पर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

             दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे डीआरएम कार्यालय के सामने पिछले 7 दिनों से ग्रुप डी में भर्ती के लिए 2010 में क्वालिफाई 150 अभ्यार्थी धरने पर बैठे हैं। जिनकी हालत दिनों दिन बिगडती जा रही है। अभ्यार्थियों के अनुसार2010 की भर्ती प्रक्रिया में उन्हें सभी प्रक्रियाओं को बाद उत्तीर्ण किया जा चुका है। भूनेश्वर में भी ऐसी स्थिति होने पर वहां के अधिकारियो ने मेडिकल पास अभ्यार्थियों का चयन कर लिया है। लेकिन बिलासपुर में ऐसा नही हो रहा है। जिसके चलते उन्होंने धरने पर बैठने का फैसला लिया।

अभ्यर्थियों ने बताया कि अधिकारियो की लगातार बेरूखी के चलते पिछले 5 दिनो से भूख हड़ताड़ पर बैठे हैं। कोई हमें गंभीरता से नहीं ले रहा है। किसी भी अधिकारी ने उसका हाल चाल नहीं पूछा।आज धरने के दौरान सुधीर कुमार, सोहन कुमार और मनीषा कुमारी की हालत खराब हो गयी है। जिन्हे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय दाखिल किया गया है। धरने पर बैठे लोगो ने बताया कि हम आज एक बार फिर जीएम के पास अपनी फरियाद लेकर गये थे। उन्होने बताया कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी हमने पीआरओ के पास भेज दिया है।

         यह खेल पिछले पांच दिन से चल रहा है। हमारा इस शहर में कोई नहीं है। लोगों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। बावजूद इसके रेलवे प्रबंधन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। जबकि हम अपना हक मांग रहे हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि इस पूरे मामले में कहीं ना कहीं किसी बड़ी साजिश होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *