हमार छ्त्तीसगढ़

अहंकार छोड़ धीरज से काम करें सरकारी अफसर

ahankarरायपुर ।    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि वे अपने-अपने कार्य क्षेत्र में अपनी कार्यप्रणाली से जनता का दिल जीतने का प्रयास करें। डॉ. सिंह ने उन्हें अधिक से अधिक संवेदनशील होने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि सभी श्रेणियों के सरकारी सेवकों को अहंकार से बचना चाहिए और अपने कार्यालय में आवेदन लेकर आने वाले आम नागरिकों के साथ सहजता से पेश आना चाहिए और उनकी बातें धैर्य से सुननी चाहिए। यथासंभव उनके साथ स्थानीय बोलचाल की भाषा में या उन्हीं की बोली-भाषा में बातचीत करनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद और परेशान लोगों को सरकारी दफ्तरों में अपनेपन का एहसास हो सके।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को  यहां निमोरा स्थित छत्तीगसढ़ प्रशासन अकादमी द्वारा पांच जिलों के सरकारी कर्मचारियों के लिए आयोजित बारह दिवसीय उत्प्रेरणा (इंडक्शन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने उदबोधन में नागरिक केन्द्रित प्रशासन की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया। राज्य सरकार के प्रशासन अकादमी ने केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डी.ओ.पी.टी.) के सहयोग से यह कार्यक्रम राज्य के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, उप अभियंताओं, कनिष्ठ अभियंताओं, कार्यालय सहायकों, कार्यालय अधीक्षकों, स्टेनो-टाइपिस्टों, लेखापालों और डाटाएन्ट्री ऑपरेटरों के लिए आयोजित किया गया है। इसमें पांच जिलों-रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी के लगभग पौने दो सौ अधिकारी और कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्य अतिथि की आसंदी से प्रशिक्षण के शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने यह भी कहा कि मैदानी स्तर पर जनता से सीधे जुड़े विभागों में दो प्रकार के अधिकारी होते हैं। पहला प्रकार उन अधिकारियों का होता है, जिनके तबादले पर स्थानीय जनता खुशी मनाती है और पटाखे फोड़कर और यह कहकर अपनी खुशी का इजहार करती है कि चलो, बला टली। दूसरे प्रकार के अधिकारियों और कर्मचाारियों के तबादले पर स्थानीय जनता को दुःख होता है। कई बार तो उनके जाने पर लोग दुखी होकर आंसू भी बहाते हैं। अब यह सरकारी अफसरों और कर्मचारियों पर निर्भर करता है कि वह इनमें से किस स्तर के शासकीय सेवक होना पसंद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा सरकारी काम-काज में प्रशिक्षण एक निरंतर चलनी वाली प्रक्रिया है। मैने भी भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) में जाकर कुछ दिनों का प्रशिक्षण लिया है। तेजी से बदलती आज की दुनिया में हर क्षेत्र में आ रहे परिवर्तनों की जानकारी शासकीय सेवकों को भी होनी चाहिए। हमें प्रतिदिन अपडेट होते रहना चाहिए। प्रारंभ में प्रशासन अकादमी के महानिदेशक  डी.एस.मिश्रा ने स्वागत भाषण में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के उददेश्यों पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन अकादमी के संचालक  एम.के.त्यागी ने किया। इस मौके पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डी.डी. सिंह तथा कलेक्टर रायपुर ठाकुर राम सिंह भी उपस्थित थे।

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