आईसेक्ट कौशल विकास केंद्र का पीएम ने किया शुभारंभ

pmkk_cvru_file1बिलासपुर।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईसेक्ट द्वारा संचालित के प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र का आॅनलाइन शुभारंभ किया। इस कौशल विकास केंद्र में आईटी, हार्डवेयर, इलेक्ट्रीकल्स,डीटीएच एवं एकाउंट सहित कई विभिन्न सेंक्टर में सर्व सुविधा युक्त लैब व प्रोफेशनल प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। देश में आईसेक्ट ही एक ऐसी संस्था है, जो पिछले 30 साल से कौशल विकास के सभी कार्यक्रम संचालित कर रही है। इस अवसर पर रायपुर के आयोजन में सांसद रमेश बैस व मुंगेली के शुभारंभ में सांसद लखनलाल साहू,आईसेक्ट के डायरेक्टर सिद्वार्थ चतुर्वेदी व डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेष पाण्डेय सहित शासन के मंत्री व अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर से प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र का आॅनलाइन शुभारंभ किया गया।

                                                        pmkk_cvru_fileपहले चरण में 23 जिलों में इसकी शुरूआत की गई है। पहले चरण में प्रदेश के रायपुर व मुंगेली जिले को शामिल को शामिल किया गया। मुंगेली ने नया और छोटा जिला होने के बाद भी सरकार के सभी मापदंडों को पूरा किया हैं, इसलिए सरकार ने मुंगेली को चयन किया है। इसमें तीन ट्रेड्स को शामिल किया है, जिसमें डाटा इंट्री आॅपरेटर, एफटीसीपी,डीटीएच रिपेयरिंग है।जल्द ही दूसरे ट्रेड्स में भी प्रशिक्षण प्रांरभ किया जाएगा। प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र के तहत ऐसे प्रशिक्षण केन्द्रोें की स्थापना की जानी हैं, जो कि एक आदर्श माॅडल प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में जिले में संचालित हो। इन प्रशिक्षण केन्द्रों के अंतर्गत अकुषल युवाओं को अलग-अलग विधाओं में तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर कुषल बनाया जाएगा। रायपुर जिले के लिए, आईसेक्ट के कौषल विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों की उपलब्धियों को देखते हुए, प्रधानमंत्री कौषल केन्द्र के संचालन का कार्य आईसेक्ट को सौंपा गया है। इस समारोह में विषिष्ट अतिथि के रुप में श्री संजय श्रीवास्तव, अध्यक्ष रायपुर विकास प्राधिकरण एवं श्री पी. रमेंष संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण उपश्थित थे।

हुनर विकसित करना ही प्राचीन पद्वति-बैस
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में सांसद रमेश बैस ने कहा कि हमारी प्राचीन शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों में हूनर विकसित करने पर ही आधारित थी और उसी के दम पर वे अपनी आजिविका चलाते थे। आज डिग्रियों को पाने की होड़ है पर कौशल के अभाव में लाखों बेरोजगार है। पर अब फिर से कौशल विकास पर बहुत ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं को इसका लाभ लेना चाहिए। रायपुर सांसद रमेश बैस ने भी केन्द्र सरकार की इस पहल की प्रषंसा की तथा आईसेक्ट को इस उल्लेखनीय कार्य को प्रारंभ करने हेतु बधाईयाॅ और शुभकामनाए भी दी। उन्होंने युवाओं को ज्यादा से ज्यादा कौशल प्रशिक्षण के कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की। उन्होने अपने वक्तव्य में खदान क्षेत्र में होने वाली कुशल कामगारों की कमी को भी बताया और कहा की यदि इस क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जाए तो बहुत से युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है ज्ञातव्य हो की छत्तीसगढ़ खनिज भंडार का गढ़ है।
30 वर्षाे से कौशल में काम रहा आईसेक्ट-साहू
इस अवसर पर सांसद लखनलाल साहू ने कहा कि सरकार ने स्किल को बढ़ावा और युवाओं को रोजगार देने के लिए अलग से ही कौशल विकास मंत्रालय की स्थापना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि अधिक से अधिक छात्र-छात्रों को स्किल्ड किया जाये। इस सपने का पूरा करने के लिए स्किल डेवलेपमेंट के माध्यम से अलग अलग ट्रेंड में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह हर्ष का विषय है कि मुंगेली को पहले चरण में ही शामिल किया गया है। देशष में आईसेक्ट ही एक ऐसी संस्था है जो पिछले 30 वर्षों से कौशल विकास से संबंधित कार्यक्रम संचालित कर रही है।

कौशल विकास के लिए जागरूकता जरूरी-कुलसचिव
इस मौके डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेष पाण्डेय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास,स्किल इंडिया और मेन इन इंडिया जैसे महत्वाकांक्षी योजनाओं की कल्पना की है, और इस कल्पना को सार्थक करने के लिए कदम भी उठाए हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र भारत सरकार की कौशल विकास एवं उद्यामिता मंत्रालय की पहल है। जिसमें युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। आईसेक्ट का उद्देश्य भी ग्रामीण भारत को बदलकर मजबूत करना है आईसेक्ट इस जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभा रहा और आगे भी निभाएगा। इसी क्रम में सीवीआरयू प्रदेश के विश्वविद्यालय व महाविद्यालय में पढ़ने वाले 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को कौशल में दक्ष कर रहा है। हम प्रदेश के हर युवा को कौशल विकास में दक्ष करेंगे। श्री पाण्डेय ने बताया कौशल विकास को लेकर युवाओं में जागरूकता लाने की जरूरत है। अधिक से अधिक युवाओं को इस बारे में विस्तार से बताना और उन्हें कौशल विकास से जोड़ना होगा, ताकि हम एक दक्ष और मबजूत भारत के निर्माण में सार्थक भूमिका निभा सकें।

शिक्षा व उद्योगों के बीच होगा सामंजस्य-सिद्धार्थ
इस अवसर पर आईसेक्ट के डायरेक्ट सिद्धार्थ ने विस्तार से योजना की जानकारी देते हुए कहा कि आज भारत जैसे युवा देश में कौशल की आवश्यकतायदि इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो भारत विश्व में स्किल्ड मैनपावर सप्लाई करने का विष्व में एक बड़ा केन्द्र बनकर उभर सकता है। उन्होने शिक्षा पध्दति में होने वाले बदलावों के बारे में भी जानकारी देते हुए कहा कि आगामी शिक्षा छैफथ् पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि बताया कि वह दौर चला गया जब शिक्षा व रोजगार अलग-अलग हुआ करते थे। शिक्षा पूरी होने के कई साल बाद भी रोजगार की संभावना दिखाई नहीं पड़ती थी। अब इस दौर में उद्योगों और शिक्षा को जोड़कर काम करना होगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से शिक्षा व उद्योगों के बीच सामंजस्य को भी शमिल किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से सरकारी क्षेत्र व औद्योगिक संगठन के साथ लेबर मार्केंट इनफमेंशन के लिए काम करेंगे। इससे उद्योगों की जरूरत को ध्यान में रखेंगे और उद्योग भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा के अनुसार तैयार हो सकेंगे।

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