आदर्श ग्राम में आधुनिक भारत की झलक..बोरा

sambhagayukat shri bora dwara ek divashiya karyashala (3)बिलासपुर–विधायक आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत आज एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि संभागायुक्त सोनमणि बोरा ने कहा कि विधायक आदर्श ग्राम में विकसित और आधुनिक भारत की झलक होनी चाहिए। अवधारणा के अनुरूप ग्रामों में अधोसंरचना का विकास होना चाहिए।

                    मंथन सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बोरा ने कहा कि आदर्श ग्राम के विकास में अपनी प्रबंधन क्षमता का परिचय दें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से कहा कि आदर्श ग्राम में सबसे पहला प्रयास राजस्व प्रकरणों के निपटारे का होना चाहिए। प्रत्येक विधायक आदर्श ग्राम को राजस्व विवाद मुक्त ग्राम भी बनाया जाये। वोरा ने कहा कि ग्रामों का विकास आदर्श ग्राम के मापदंडों के अनुरूप हो।

                                 बोरा ने कहा कि गांव आदर्श शिक्षा का केन्द्र हो। जहां हर बच्चा शिक्षा ग्रहण कर रहा हो और वयोवृद्ध साक्षर हों। वोरा ने कहा आदर्श ग्राम वही है जहां छूआ-छूत, नशावृत्ति का नामो निशान तक ना मिले। सब लोग शिक्षा के साथ संस्कार युक्त हो। महिलाएं स्वावलंबी और सशक्त हों। गांवों में अच्छे संस्कार के साथ पंरपरा जन्य अच्छाई और भाईचारा हो । ग्राम में शत-प्रतिशत शौचालय हो। ग्राम में आजीविका परक कार्यों का विकास हो।

    संभागायुक्त ने कहा कि आदर्श ग्राम की अवधारणा के अनुकूल प्रत्येक व्यक्ति का जनधन योजना में बीमा हो, तथा ग्राम में बैंकिग व्यवस्था की जानकारी हो। वहां आजीविका के संसाधन के साथ अन्य संसाधनों के विकास में जनसहभागिता हो। गांव के बच्चे, महिलायें एवं युवा ग्रामीण प्रबंधन में प्रशिक्षित हो। स्वच्छ भारत अभियान में स्वच्छता की अवधारणा शौचालयों के निर्माण तक सीमित न हो बल्कि हर प्रकार की स्वच्छता हो। वह घर परिवार समाज के साथ पूरे ग्राम के हर चीज में परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने दुर्ग जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीण स्वच्छता में महिलाओं एवं युवाओं तथा बच्चों को जोड़कर उद्देश्य में सफल हुआ जा सकता है।

              कार्यशाला में अपर विकास आयुक्त एवं एवं नोडल अधिकारी सुभाष मिश्र ने आदर्श सांसद एवं विधायक ग्राम योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।कार्यशाला में आये मास्टर ट्रेनर ने आदर्श ग्राम योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण संसाधनों की संरक्षण, उपयोगिता, संसाधनों में आपसी बंटवारा तथा आदर्श ग्राम प्रबंधन तथा योजना के बारे में अपने विचार रखे।

                              योजना, सामाजिक मानचित्र संसाधन मानचित्र, मौसमी मानचित्र, चपाती चित्रण विकल्पों की खोज, आजीविका, ग्राम विकास योजना के विभिन्न बिन्दुओं पर आवश्यक जानकारी दी।

             जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने कार्यशाला के अंत में आभार प्रदर्शन किया।

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