आबकारी विभाग में बेरोजगारों का मेला…59 लोगों की हुई भर्ती…एक दिन की ट्रेनिंग बाद संभालेंगे मदिरा दुकान

बिलासपुर— आबकारी विभाग के मदिरा दुकानों में संविदा पद पर सुपरवाइजर, सेल्समैन और एमपीडब्लू की दो दिवसीय भर्ती प्रक्रिया पुरी हुई। अधिकारियों ने जिले के कुल 72 दुकानों के लिए 59 लोगों का चयन किया है। दो दिवसीय चयन प्रक्रिया में कुल 273 लोगों ने भाग्य आजमाया। आबकारी सहायक आयुक्त ने बताया कि चुने गए 59 प्रतिभागियों को एक दिन की ट्रेनिंग के बाद शराब दुकान में पद के अनुसार जिम्मेदारी दी जाएगी।

               मालूम हो कि लगातार गड़बड़ी और सेल्समैन,सुपरवाइजरों की शिकायतों के बाद आबकारी विभाग ने जिले के 72 दुकानों के लिए सेल्समैन,सुपरवाइजर,एमपीडब्लू  पद के लिए विज्ञापन जारी किया। दो दिनों में कुल 273 उम्मीदवार इन्टरव्यू में शामिल हुए। इन्टरव्यू के अंतिम तारीख को 70 में से कुल 19 लोगों का विभिन्न पदों के लिए चयन किया गया। इसके पहले 203 लोगों में से 40 लोगों को फायनल किया चुका है।

                                       पुरानी भर्ती में संविदा कर्मचारियों की लगातार शिकायत मिल रही थी। आबकारी विभाग ने नया सिस्टम बनाते हुए पुराने लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। पिछले दो दिनों में सुपरवाइजर,सेल्समैन और बहुउद्देशीय कर्मचारियों के लिए इन्टरव्यू लिया गया। अब चुने गए प्रत्याशियों को ज्वाइनिंग के पहले निर्धारित राशि का डी.डी जमा करना होगा।

            जानकारी के अनुसार सुपरवाइजर पद के लिए चुने गए लोगों को 30 हजार,सेल्समैन को 20 और एमपीडब्लू पद के लिए 10 हजार का डीडी कार्यालय में जमा करना होगा। नौकरी छोड़ने या निकाले जाने पर राशि वापस हो जाएगी। डी.डी समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों को इकठ्ठा करने की जिम्मेदारी प्लेसमेन्ट एजेंसी इंटर साल्युशन लिमिटेड को दी गयी है।

बेरोजगरों का लगा मेला

               आबकारी विभाग के सामने हाथ में दस्तावेज लिए बेरोजगारों की भारी भीड़ देखने को मिली। किसी ने बताया कि वह सुपरवाइजर के लिए आवेदन दिया है तो किसी ने अन्य पदों के लिए हाथ आजमाने की बात कही।

नया अधिकारी नई व्यवस्था

                आबकारी सहायक आयुक्त विजय सेन शर्मा ने बताया कि शराब दुकानों की पुरानी व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं। सभी सेल्समैन को अलग अलग गल्ले की जिम्मेदारी दी जाएगी। सैल्समैन को हिसाब से मदिरा पेटी दी जाएगी। बिक्री को व्यक्तिगत रूप से गल्ले में रखना होगा। इससे हिसाब किताब में आसानी होगी। नई व्यवस्था में किसी प्रकार की हेराफेरी की संभावना कम या बिलुकल नहीं है।यदि किसी के हिसाब किताब में गड़बड़ी होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जमा किए गए राशि को जब्त कर लिया जाएगा।

                विजय सेन शर्मा ने बताया कि सुपरवाइजर और सैल्समैन को शाम होते दुकाने बन्द होने तक बिक्री मदिरा की राशि जमा करना अनिवार्य होगा। अलग अलग गल्ला होने से हिसाब किताब भी तेजी से होगा। विजय सेन शर्मा ने बताया कि पुरानी भर्ती से 65 लोगों को निकाला गया है। अभी 59 लोगों की भर्ती की गयी है। जरूरत पड़ी तो इन्टरव्यू में बुलाए गए लोगों में बाकी लोगों को चयन किया जाएगा।

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