हमार छ्त्तीसगढ़

आम लोगों के लिए उदाहरण बनें विधायकः टंडन

vidhan sabha

रायपुर । राज्यपाल  बलरामजी दास टंडन शुक्रवार को  यहां छत्तीसगढ़ की चतुर्थ विधानसभा के सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम को स्वागतयोग्य बताया, जहां विधायकों को सदन के सुचारू संचालन एवं अनुशासन के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक जानकारी एवं मागदर्शन दिया गया।

राज्यपाल ने विधायकों को अपने कार्यों और व्यवहार से जनता के समक्ष ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करने को कहा, जिसका जनता अनुकरण कर सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते, विधायक समाज के श्रेष्ठ व्यक्ति होते हैं। उन्हें अपने चरित्र और व्यवहार में श्रेष्ठता लानी चाहिए, ताकि वे समाज के लिए और अन्य निर्वाचित संस्थाओं के लिए मार्गदर्शक का कार्य कर सके। राज्यपाल ने कहा कि राजनीति को राजनीति तक ही सीमित रखना चाहिए। इसका प्रभाव विधानसभा के बाहर, आपसी मेलजोल में तथा सामाजिक जीवन में नहीं पड़ने देना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को, चाहे वह किसी भी दल के हों, एक दूसरे के सुख-दुख में सहभागी होना चाहिए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री  थावरचंद गहलोत, नेता प्रतिपक्ष  टी. एस. सिंहदेव, हिमाचल प्रदेश की पूर्व मंत्री श्रीमती आशा कुमारी, संसदीय कार्य मंत्री  अजय चन्द्राकर, सहित प्रदेश के मंत्रीगण, विधायकगण और विधानसभा के प्रमुख सचिव  देवेन्द्र वर्मा उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि प्रदेश का हर नागरिक, जनप्रतिनिधियों से अपनी आशाओें, आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा होने की उम्मीद लगाये रहता है। विधानसभा द्वारा किये जाने वाले कार्यों से, जनमानस पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। यह सौभाग्य की बात है कि सदस्यों को जनसेवा का ऐसा अवसर मिला है। जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे पूर्ण निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ जनहित में कार्य करें। शासन को जवाबदेह बनाने तथा लोक महत्व के विषयों को सदन के पटल में कैसे प्रस्तुत करें, इसकी विस्तृत जानकारी जनप्रतिनिधियों को होनी चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि दो दिनों में 6 सत्रों में विभिन्न विषयों पर व्याख्यान हुए, जिसके माध्यम से विधायकों को संसदीय कार्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। मानसून सत्र के दौरान इस प्रबोधन कार्यक्रम का प्रभाव सदस्यों के विचारों एवं कार्यों में दिखाई देगा। यह कार्यक्रम न केवल सदस्यों के राजनीतिक बल्कि सामाजिक जीवन के लिए भी लाभदायक होगा। नेता प्रतिपक्ष  टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि गत दो दिनों में वर्षों का अनुभव रखने वाली श्रीमती सुमित्रा महाजन,  थावरचंद गहलोत,  बृजमोहन अग्रवाल एवं श्रीमती आशाकुमारी जैसे विशिष्ट वक्ताओं के विचारों को जानने एवं समझने का अवसर मिला। निश्चय ही यह प्रबोधन कार्यक्रम विधायकों के लिए लाभप्रद सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। आभार प्रदर्शन संसदीय कार्य मंत्री  अजय चन्द्राकर ने किया।

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