मेरा बिलासपुर

आवश्यकता और अनिवार्यता पर रोचक कार्यशाला

IMG-20150910-WA0006बिलासपुर—लायंस क्लब में आज शिक्षा में गुणवत्ता मात्र आवश्यकता या अनिवार्यता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा विभाग और विवेकानंद इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में अतिरिक्त तहसीलदार जय उरांव, आरटीओ अधिकारी अगस्टिन टोप्पो जिला शिक्षा अधिकारी हेमन्त उपाध्याय.एसडीएम नीलकंठ टेकाम, डीएसपी मधुलिका सिह, विभिन्न संस्थानों के प्राचार्य,अभिभावक और गणमान्य लोग शामिल हुए।

           उपस्थित लोगों को सभी अधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को  ना केवल शिक्षा बल्कि अन्य जगहों या संस्थानों के लिए बनाए गए नियमों को अनिवार्यता के साथ पालन करना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि जब अनिवार्यता की बात आती है तो लोग अपने आप को बंधन में महसूस करने लगते हैं। जबकि सारे नियम और कायदे लोगों के हित में ध्यान में रखकर बनाया गये है।

             इस दौरान शासन के उस पत्र पर भी चर्चा हुई जिसमें यातायात और शिक्षण संस्थाओं के साथ अन्य विभागों में नियमों को शिद्दत के साथ पालन करने का हिसाब मांगा गया है। कार्यक्रम को जय उरांव ने भी संबोधित किया । उन्होंने कहा कि शासन के ना केवल राजस्व विभाग बल्कि सभी संस्थानों के नियमों का यदि शिद्दत के साथ पालन किया जाएगा तो विवाद जैसी स्थिति नहीं होगी। उपस्थित लोगों को आरटीओ अधिकारी अगस्टिन टोप्पो और यातायात प्रभारी मधुलिका सिंह  ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाने के लिए अनिवार्यता का होना बहुत जरूरी है।

               अधिकारी द्व्य ने कहा कि शासन ने जो मानक यातायात और स्कूल वाहनों के लिए तय किये है उसे अनिवार्यता के साथ लागू किया जाना जरूरी है। चूंकि यह शासन का आदेश है कि बच्चों की सुविधाओं के साथ यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा है इसलिए लोग चलाए जा रहे यातायात अभियान को बहुत कठोर रूप में देख रहे हैं। वास्तविकता तो यह है कि सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।

किसने कहा सबका हो रहा विकास...एसईसीएल का आयोजन

           सभी लोगों ने कहा कि चालक कौन है कहां से आया है। क्या नियमों का पालन हो रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुष्प्रभावित तो नहीं कर रहा है। साथ बसों की स्थिति क्या है। इस पर लोग गहनता से विचार नहीं करते हैं। जबकि करना चाहिए। क्योंकि भविष्य इसी सजगता में ही छिपा है।

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