इंक्रीमेंट रोकने के खिलाफ लिपिक संघ ने किया संघर्ष का आगाज , सभी जिलों में कलेक्टर को सौंपा सीएम के नाम ज्ञापन

बिलासपुर।वित्त विभाग द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक का आदेश जारी हुआ है. छग प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्म संघ ने उक्त आदेश को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में आज मुख्य मंत्री के नाम का जिला कलेक्टर के माध्यम सें सौपा. संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया की वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश कर्मचारियों पर आर्थिक आघात है. साथ ही न्याय संगत भी नही है क्योंकि वेतन वृध्दि पर रोक कोई भी आरोप साबित होने पर दंड के रूप में रोकी जाती है छग सरकार ने कर्मचारियो को किस बात का दंड दिया है. यह समझ से परे है.

रोहित तिवारी ने बताया की आज प्रदेश के सभी जिलों में ज्ञापन सौपा गया है हमें उम्मीद है की उक्त कर्मचारी विरोधी आदेश को शासन निरस्त करेगी कोरोना सक्रमण के कारण अपनी जान जोखिम में डालकर कर्मचारी सेवा दे रहे है उनको प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है नाकि वेतन काट कर ह्तोसहीत करने की, अतः संघ ने कोरोना योद्धाओं के लिय शासन से 50लाख के सुरक्षा बीमा की भी मांग की है. यदि वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक का आदेश निरस्त नही होता तो संघ आंदोलन का विस्तार करते हुए सड़क पर उतर कर आंदोलन के लिए बाध्य होगा.आज चुकी धारा 144लगी हुई थी और शासन की गाईड लाईन का पालन करते हुए ही शासन को ज्ञापन सौपा गया बिलासपुर में अतीरीक्त कलेक्टर पंकज डाहिरे ने ज्ञापन लिया जिसमें सुनील यादव जिलाध्यक्ष, वर्षा रानी चरण, प्रमोद दुबे सुदीत्प दत्ता सहित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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