मेरा बिलासपुर

कानन को नए मेहमानो ने किया गुलज़ार

IMG-20151115-WA0013बिलासपुर। कानन पेण्डारी में यह सुखद संयोग रहा है, कि इस वर्ष पिछले वर्ष की भांति ठीक दिपावली के दिन अर्थात 11 नवम्बर 2015 को ही मणिपुरी हिरणी ने एक स्वस्थ नर शावक को जन्म दी है । पिछले वर्ष भी ठीक दिपावली के दिन यानी 23 अक्टूबर 2014 को कानन पेण्डारी में मणिपुरी हिरणी द्वारा एक नर शावक को जन्म दी थी। पिछले वर्ष ही दिनांक 22 नवम्बर 2014 को दूसरी मादा मणीपुरी हिरण के द्वारा एक नर बच्चे को जन्म दी थी इस प्रकार आज की स्थिति मैं कानन में कुल मणिपुरी हिरणों की संख्या 7 हो गए हैं,जिसमें 2 मादा एवं 5 नर हैं। कानन में पिछले वर्ष एवं इस वर्ष मणिपुरी मृग के तीन बच्चे हुए जिनमें सभी नर ही हुए हैं। मणिपुरी मृग को हिन्दी में भूश्रिंगी हिरण भी कहते हैं एवं इसका अंग्रेजी नाम Thamin deer एवं वैज्ञानिक नाम सर्वस ईल्डी है।
IMG-20151115-WA0014मणिपुरी मृग को राष्ट्रीय वन्य प्राणी उद्यान नई दिल्ली से 10 मार्च 2014 को स्क्रीच आऊल अर्थात ऊल्लू (4 नग) के बदले में लाया गया था, चूंकि ऊल्लू मां लक्ष्मी की वाहन होने एवं उनकी ही कृपा प्रसाद के रूप मे ठीक दिपावली के दिन ही कानन में मणिपुरी मृग द्वारा बच्चे को जन्म दी है। कानन का वातावरण मणिपुरी मृग के लिए अनुकूल माना जा रहा है जिसके परिणाम स्वरूप दिवाली की सौगात के रूप में कानन पेण्डारी में मणिपुरी मृग का नन्हा मेहमान आया है।

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