एक दिन पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करना छोड़ें,खाने की बर्बादी पर लगाएं लगाम-पीएम मोदी

pm_man_ki_baatनईदिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30वें मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश की जनता को संबोधित किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में लोगों से एक दिन पेट्रोल डीजल का प्रयोग न करने की अपील की और इसके साथ ही पीएम ने खाने की बरबादी का मुद्दा भी उठाया।प्रधानमंत्री नेलोगों से खाना बरबाद न करने को कहा।मोदी ने अपने मन की बात करते हुए डिप्रेशन की बात भी की और कहा कि योग के माध्यम से लोग अपने मन को ठीक रख सकते हैं और डिप्रेशन से दूर रह सकते हैं।पीएम मोदी ने कालाधन, भ्रष्टाचार, महिलाओं की मैटरनिटी लीव, स्वच्छा आदि मुद्दों को भी अपने संबोधन में उठाया।उन्होंने डिजिटल पेमेंट पर जोर दिया।अपने 29वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वैज्ञानिक समुदाय की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा था कि 15 फ़रवरी, 2017 भारत के जीवन में बेहद गौरवपूर्ण दिवस के रूप में याद किया जाएगा।

                न्यू इंडिया कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं, यह सवा सौ करोड़ लोगों का सपना है।सभी देशवासी अगर संकल्प करें और मिलकर कदम उठाते चलें, तो न्यू इंडिया का सपना हमारे सामने सच हो सकता है।हर नागरिक अपने नागरिक धर्म और कर्तव्य का पालन करे, यही अपने आप में न्यू इंडिया की एक अच्छी शुरुआत बन सकता है।छोटी-छोटी चीजों के जरिए लोग न्यू इंडिया का सपना पूरा होते हुए देख पाएंगे।मैं आपको निमंत्रण देता हूं कि स्वराज से सुराज की इस यात्रा में हम सभी जीवन को अनुशासित कर, संकल्पबद्ध करके जुड़े।मन की बात में बोले पीएम- देश वासियों में एक नई उमंग है।

            डिजिटल पेमेंट,कालधन पर पीएम ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बहुत बड़ी मात्रा में लोग डिजिटल पेमेंट डिजिधन आंदोलन में शरीक़ हुए।पीएम मोदी ने पूछा, कालाधन के खिलाफ लड़ाई आगे बढ़ाने के लिए देशवासी एक वर्ष में 2500 करोड़ डिजिल लेन-देन करने का संकल्प कर सकते हैं क्या?इससे आप देश की सेवा करते हुए कालाधन, भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई के एक वीर सैनिक बन सकते हैं।

                डिप्रेशन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस है, वर्ल्ड हेल्थ डे पर  इस बार संयुक्त राष्ट्र ने विश्व स्वास्थ्यदिवस पर डिप्रेशन विषय पर फोकस किया है।मैं देशवासियों से कहना चाहूँगा कि डिप्रेशन ऐसा नहीं है कि उससे मुक्ति नहीं मिल सकती है।ऐसा नहीं है कि डिप्रेशन से मुक्ति नहीं मिल सकती, एक मनोवैज्ञानिक माहौल पैदा करना होता है जिससे इसकी शुरुआत होती है. पीएम मोदी ने कहा कि डिप्रेशन में सप्रेशन की जगह एक्र्सप्रेशन जरूरी है।पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सेवा-भाव से लोगों की मदद करिए, उनके सुख-दुःख को बांटिए, आप देखना, आपके भीतर का दर्द यूं ही मिटता चला जाएगा।वैसे योग भी अपने मन को स्वस्थ रखने के लिये एक अच्छा मार्ग है. तनाव, दबाव से मुक्ति, प्रसन्न चित्त की ओर प्रयाण – योग बहुत मदद करता है।दुनिया में 35 करोड़ लोग अवसाद के शिकार हैं, हमें इसको लेकर बात करनी चाहिए।

               मैटरनिटी लीव पर पीएम ने मन की बात में कहा कि माताओं और बहनों से भी मैं ज़रूर आज एक बात करना चाहूँगा पिछले दिनों भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा फ़ैसला किया है. भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा फ़ैसला किया है, मैटरनिटी लीव को 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया गया है.

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