एक लाख से ज्यादा शिक्षाकर्मियों का संविलियन राज्य सरकार की बड़ी उपलब्धि,प्रभारी सचिवो की बैठक मे CM रमन ने विभागीय अधिकारियों की थपथपाई पीठ

रायपुर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गुरुवार मंत्रालय में प्रदेश के सभी 27 जिलों के प्रभारी सचिवों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति सहित संचार क्रांति योजना के तहत स्मार्ट फोन वितरण की तैयारी के बारे में जिलेवार जानकारी ली। सीएम डॉ. रमन ने इस बात पर खुशी जतायी कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू होने के लगभग दो वर्ष के भीतर राज्य में अब तक गरीब परिवारों की 22 लाख 77 हजार महिलाओं को सिर्फ 200 रूपए के पंजीयन शुल्क पर रसोई गैस कनेक्शन दिए जा चुकें हैं।

सीएम ने एक लाख से ज्यादा शिक्षाकर्मियों के संविलियन की प्रकिया पूर्ण होने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों और विभागों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेरी घोषणा के एक माह के भीतर एक लाख से ज्यादा शिक्षाकर्मियों का संविलियन एक बड़ी उपलब्धि है। अब इन शिक्षाकर्मियों को शिक्षक (एल.बी.) के पद नाम से जाना जाएगा और उन्हें नियमित वेतन चालू जुलाई माह से मिलने लगेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने विकास यात्रा के प्रथम चरण के समापन के दिन 10 जून को अम्बिकापुर में आयोजित विशाल आम सभा में प्रदेश के शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों ने प्रदेश भर में विकासखंड स्तर पर शिविर लगाकर शिक्षाकर्मियों के संविलियन की समस्त औपचारिकताओं को तत्परता से पूर्ण कर लिया।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में वर्तमान खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए खाद और बीज वितरण की व्यवस्था और प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने  कहा कि विकास यात्रा के दूसरे चरण में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस भी वितरित किया जाएगा। सभी वन विभाग के अधिकारी उसके लिए जिला कलेक्टरों से समन्वय कर आवश्यक तैयारी जल्द पूर्ण करें। उन्होंने आबादी पट्टा वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रगति का भी अधिकारियों से ब्यौरा लिया। डॉ. सिंह ने बारिश के मौसम को देखते हुए सभी जिलों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और उल्टी-दस्त जैसी संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रशासन को मुस्तैद रहने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव अजय सिंह, अपर मुख्य सचिव सर्व सुनील कुजूर, सी.के. खेतान, आर.पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  अमन कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अमिताभ जैन, विधि विभाग के प्रमुख सचिव आर.एस. शर्मा, खाद्य और सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव ऋचा शर्मा, जल संसाधन विभाग के सचिव सोनमणि बोरा, स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के विशेष सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  पी.सी. मिश्रा, सहकारिता विभाग की सचिव रीता शांडिल्य, मुख्यमंत्री के सचिव एम.के. त्यागी, वाणिज्यिक-कर विभाग के सचिव  डी.डी. सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव गौरव द्विवेदी, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग की विशेष सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के विशेष सचिव अन्बलगन पी., श्रम विभाग की विशेष सचिव आर.शंगीता, खनिज विभाग की संचालक अलरमेल मंगई डी., समाज कल्याण विभाग के सचिव  आर. प्रसन्ना, जनसम्पर्क विभाग के संचालक चन्द्रकांत उइके, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  एलेक्स पाल मेनन, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रजत कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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