मेरा बिलासपुर

कल्याण सोसायटी ने किया सपनों का कत्ल

CIVIL LINE THANAबिलासपुर–वेलफेयर सोसायटी की आड़ में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दो आरोपियों ने हजारों लोगों को करोड़ों का चूना लगाया है। पुलिस के पास भारतीय नगर स्थित सोसायटी की शिकायत छह महीने पहले से ही थी। कार्रवाई की भनक लगते ही दोनो जालसाज फरार हैं। बहरहाल सिविल लाइन पुलिस ने एक को अपने गिरफ्त में लिया है।

                        जानकारी के अनुसार साल  2013 में बिहार का रहने वाला राजेश कुमार सिंह ने कन्या कल्याण वेलफेयर सोसायटी का पंजीयन कराया। सोसायटी की आड़ में अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह और सचिव मोहम्द उबामा ने मिलीभगत कर ग्रामीणों को करोड़ों रूपए का चूना लगाया है। सोसायटी के एजेंट ग्राहकों को 520 रुपए जमा करने पर छात्रवृत्ति, स्वरोजगार, प्रसव और विवाह के लिए राशि देने का आश्वासन दिया था।

सोसायटी ने ग्राहकों से वसूली के लिए करीब तीन सौ एजेंट बनाए जो जिले  के हजारों लोगों से राशि जमा कराते थे। कई दलालों ने ग्राहकों से सात लाख रूपए तक एकत्रित किये है।  पुलिस को अनुमान है कि ठगी की राशि पांच करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है।

                               पुलिस जानकारी के अनुसार संस्था ने शुरूवाती दौर में  भरोसा जीतने के लिए कुछ लोगों को हजार पंद्रह सौ की मदद भी की। जब ज्यादा रुपये एकत्र हुए तो अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह फरार हो गया। संस्था ने आईसीआईसीआई बैंक में अपना खाता भी खुलवाया है। लोगों को झांसे में लेने के लिए एक स्कीम बनाई। स्कीम के अनुसार सरकार और अन्य प्राइवेट सेक्टर बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और शादी के इसके लिए गुप्त दान देती है।

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                     जनवरी में फरार होने के 15 दिन बीतने पर राजेश कुमार वापस आया। उसकी वापसी से लोगो को विश्वास हो गया कि संस्था फर्जी नहीं है। राजेश ने भोले-भाले ग्रामीणों को वश में करने के लिए नया पैंतरा खेला। लोगों को झांसा दिया कि उनसे मिले रुपयों को माऊथ फ्रेशनर, नमकीन, गारमेंन्ट और सौन्दर्य प्रसाधन के लघु उद्योगों में लगाया जा रहा है। उत्पादन से हुए मुनाफे को कन्या कल्याण वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से संस्था से जुडे लोगों की बच्चियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।

                        एजेन्टों को अपने विश्वास में लेने के लिए राजेश ने साल में होने वाले मुनाफे की जानकारी देने की बात कही। मामले का खुलासा तब हुआ जब कन्या कल्याण की एजेन्ट माधुरी लता राठौर ने सचिव मोहम्मद उबामा से संपर्क कर छात्रवृत्ति की रकम मांगी। उबामा ने बताया कि राजेश सिंह अभी नहीं है। उनके आते ही लोगों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। मार्च से लापता हुआ राजेश फिर कभी नहीं लौटा। परेशान माधुरी लता राठौर ने सचिव मोहम्मद उबामा से एक बार फिर छात्रवृति की मांग की। उबामा ने माधुरी को झांसे में लेते हुए छात्रवृत्ति के नाम पर 75 एजेन्टों से पांच-पांच हजार रुपये लाने को कहा।

               एजेंटों ने एक बार फिर पांच हजार रुपये इकठ्ठा किया. लेकिन छात्रवृत्ति नही मिली।  ग्रामीणों के लगातार दबाव से परेशान माधुरी ने सितंबर माह में सिविल लाइन थाने में मामले की शिकायत की।  जांच के बाद  पुलिस ने 8 दिसंबर को कन्या कल्याण वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया।

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                    पुलिस ने फर्जी संस्था के सचिव मोहम्मद उबामा को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने भारतीय नगर स्थित कन्या कल्याण वेलफेयर सोसायटी कार्यालय से कुछ दस्तावेज भी जप्त किए हैं। कई लोगों से लाखों रुपये लेने की बात सामने आई है। रतनपुर नवागांव निवासी बलदेव प्रसाद से 6 लाख 50 हजार, रतनपुर घासीपुर निवासी तुलसी राम यादव से 6 लाख, खैरा निवासी जितेन्द्र पाण्डे से एक लाख दस हजार कुष्णा कुमार ने 4लाख रूपये जमा किए हैं। राजेश कुमार मार्च 2015 से फरार है। मोहम्मद उबामा को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद पुलिस राजेश कुमार सिंह के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस करने में लगी है।

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