मेरा बिलासपुर

कांग्रेसियों ने मनाया शिक्षक दिवस.. पूर्व राष्ट्रपति को किया याद

IMG_20150905_102237बिलासपुर— जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रथम उप-राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिन धूम-धाम से मनाया गया। इस मौके पर जिला कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों ने उन्हें याद करते हुए पदचिन्हों पर चलने की शपथ ली। कांग्रेस नेताओं ने बारी बारी से डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला और देश के लिए उनके योगदान को स्मरण किया।

                 जिला कांग्रेस कार्यालय में आज वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने शिक्षक दिवस पर डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया। उनके तैल चित्र पर पुष्प गुच्छ और माल्यर्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया।

             कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जफर ने अली ने कहा कि डॉ.कृष्णन ने अपने जीवन काल में हमेशा भारत भारती और भारतीयता का पचम लहराया। महामहिम रहते हुए भी उन्होंने कभी भी अपने को कभी भी शिक्षक से ऊपर नहीं समझा। उन्होंने हमेशा से शिक्षा में सुधार की वकालत की। जफर ने बताया कि जब पहली बार भारत रत्न दिया जा रहा था उसमें सबसे पहला नाम डॉ.राधाकृष्णन का था।

             कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ.चन्द मोहन देवरस ने कहा कि उनके पिता का भी आज जन्मदिन है। मुझे गर्व है कि हमारे पिता जी ने हमेशा सर्वपल्ली के बताए मार्ग पर चलने की नसीहत हमें दी। उन्होंने कहा कि हमारे पिता वासुदेव देवरस का प्रथम उप-राष्ट्रपति से अच्छे संबध थे। उनके त्याग और योग्यता की चर्चा हमारे घर में हमेशा होती रही है। देवरस ने कहा कि सर्वपल्ली त्याग और योग्यता के प्रतिमूर्ति थे। कायक्रम को रामशरण यादव,ऋषि पाण्डेय ने भी संबोधित किया।

                 उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए शहर अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर ने कहा कि डॉ.राधाकृष्णन देश को संस्कार देने के साथ ही राजनीति में सुचिता का भी पाठ हम देशवासियों को पढ़ाया है। उन्होंने कहा कि उनकी योग्यता और राजनीति का लोहा रूस के नेता स्टालिन ने भी स्वीकार किया है। जब वें सोवियत रूस में भारत के राजदूत थे तो स्टालिन ने उन्हें जितना सम्मान दिया शायद ही तात्कालीन समय किसी नेता को इतना सम्मान हासिल होगा।

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                             बोलर ने कहा कि जब राधाकृष्णन भारत लौट रहे थे उस समय स्टालिन ने कहा था कि यदि कुछ राजनैतिक बंधन नहीं होते तो मै या तो राधाकृष्णन को रूस में रोक लेता या फिर मै ही उनके साथ चल देता। स्टालिन ने ओवेशन में उनकी गाड़ी को हाथ लगाकर भारत की मेधा का सम्मान भी किया।

             बोलर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी उनके पदचिन्हों पर देश को मजबूत और मेधावान बनाएंगे।  कार्यक्रम में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित थे।

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