कांग्रेसियों को बनाया जा रहा है निशाना..अभय

abhayबिलासपुर—भारतीय जनता पार्टी के शासन में प्रदेश में अघोषित आपातकाल की स्थिति है। पुलिस प्रशासन को आन्दोलनों को कुचलने की खुली छूट दी गयी है। पिछले दो महिनों से काग्रेस के आन्दोलनों को लगातार दबाया जा रहा है। यह बाते कांग्रेस कार्यालय से जारी प्रेस नोट में संभागीय प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कही है। अभय नारायण ने बताया कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ जिस तरह से जुर्म दर्ज किया जा रहा है। यह संकेत स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए घातक है।

                  संभागीय प्रवक्ता ने बताया है कि पुलिस प्रशासन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ 151, 107, 116 की मामले बना रही है। दिनभर गिरफ्तार कर थाने में रखा जाता है। और शाम को छोड़ दिया जाता है। ब्लाक अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारियों पर शासकीय काम में बाधा का जुर्म दर्ज करना आम बात हो गई है। नेहरू चौक से जिलाधीश कार्यालय तक धारा 144 स्थायी रूप से लागू कर दिया गया है। यह कहां की बुध्दिमानी है।

        अभय के अनुसार मुख्यमंत्री के आगमन पर धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गयी। पुलिस ने कांग्रेस भवन को छावनी बना दिया। नेताओं को गिरफ्तार कर थाना भेज दिया। लोक सुराज के दौरान प्रत्येक शिविर में जिलाध्यक्ष समेत सभी कार्यकर्ताओं को रोकना,जबरदस्ती शासकीय कामों में बाधा डालने का आरोप लगाना…उचित नहीं है।

                     राय ने बताया कि पिछले 4 दिनों से लगातार जिलाध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला को पुलिस किसी भी शिविर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। मुंगेली जिले में बिल्हा विधानसभा के मनकूदीप शिविर में अधिकारियों ने राजेन्द्र शुक्ला को बात नहीं रखने दिया। कार्यक्रम में अवरोध उत्पन्न करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

                         संभागीय प्रवक्ता अभय ने आरोप लगाया है कि छ.ग. में सरकार ने अघोषित अपातकाल लगा दिया है। अपातकाल के नाम से छाती पिटने वाली पार्टी, लोकतंत्र की दुहाई देने वाली पार्टी को आभास हो चुका है कि 2018 में बुरी तरह हार होने वाली है। इसलिए सरकार के खिलाफ उठने वाले आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षाकर्मियों का आन्दोलन हो, स्वास्थ्य कर्मियों का आन्दोलन हो, अल्टरनेटियू डाक्टरों का आन्दोलन हो, मिट्टी तेल ठेला चलाने वालों का आन्दोलन हो या प्रसिद्ध आन्दोलन कारी राधेश्याम शर्मा का आमरण अनशन हो  सभी  आन्दोलनों को पुलिस प्रशासन से दबाया जा रहा है।

                अभय ने प्रेस नोट में बताया है कि पुलिस ने जिलाध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला, शहर अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर, प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव, युवा कांग्रेस अध्यक्ष शिवा नायडू, युवा कांग्रेस के जावेद मेमन, लक्ष्मी साहू, गोपाल दुबे, कोटा के ब्लाक अध्यक्ष संदीप शुक्ला, सकरी के शराब के विरोध करने वाले महिलाओ के खिलाफ केस दर्ज करने, समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिछले 2 माह के अंदर जबरिया पुलिस कार्यवाही की जा चुकी है।

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