कांग्रेस कार्यकर्ता गाजर मूली नहीं..कोई काट दे…भूल न करें रमन..पुनिया और भुपेश ने कहा…बर्खास्तगी तक करेंगे विरोध

बिलासपुर–पहली बार बिलासपुर में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के दिग्गज नेताओं के अलावा राष्ट्रीय नेता भी शामिल हुए। कार्यकारिणी की बैठक के बाद राष्ट्रीय महासचिव और भूपेश बघेल.डॉ चरणदास महंत समेत समेत सभी नेता पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान नेताओं ने कार्यकारिणी में लिए निर्णयों को पत्रकारों के सामने रखा। पी.एल.पुनिया ने कहा कि कार्यकारिणी में लाठीचार्ज के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। सभी नेताओं ने एक मत दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की मांग की है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह और निकाय मंत्री के खिलाफ सघन अभियान चलाकर इस्तीफे की मांग की जाएगी। पुनिया और भूपेश ने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच से हमे कोई मतलब नहीं.। लगातार आंदोलन कर न्यायिक जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की जाएगी। पत्रवार्ता में पीएल पुनिया ने कहा कचरा वही फेंका जाता है जहां कचरा होता है।

              पत्रकारों के सवाल से पहले भूपेश बघेल ने कार्यकारिणी में लिए गए फैसले की जानकारी दी। बघेल ने बताया नेताओं ने फैसला किया है कि 24 सितम्बर से माई दंतेश्वरी के दर्शन के साथ शुरू किया जाएगा। संकल्प यात्रा का दूसरा चरण जल्द ही शुरू होगा। तारीख का भी एलान शीघ्र किया जाएगा। बघेल ने बताया कि कार्यकारिणी में लाठीचार्ज के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया। निंंदा प्रस्ताव डॉ.चरणदास महंत ने पेश किया।रविन्द्र चौबे डॉ.शिव डहरिया,रामदयाल उइके,अनिला भेड़िया ने समर्थन किया। प्रस्ताव को सर्व सम्मति से पारित किया गया।

                    पत्रकारों को भूपेश ने बताया कि प्रस्ताव के माध्यम से फैसला लिया गया है कि सरकार लाठीचार्ज के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे। जिम्मेदार अधिकारियों समेत  निकाय मंंत्री अमर अग्रवाल को बर्खास्त किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो अमर अग्रवाल और रमन सिंह के हर कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा। भूपेश ने कहा 22 सितम्बर को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का काला झण्डा दिखाकर विरोध किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।

              पीएल पुनिया ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मजिस्ट्रेट जांच का आदेश लीपापोती के लिए दिया गया है। जब मुख्यमंत्री स्वीकार करते हैं। वायरल वीडियों में लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों की पहचान भी हो चुकी है। लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया…कमोबेश इसकी भी जानकारी हो गयी है। बावजूद इसके न्यायिकजांच का आदेश नहीं दिया जाना संदेह पैदा करता है। हमारी मांग है कि दोषियों के खिलाफ पहले 307,302 और 370 धारा लगाकर जेल भेजा जाए। इसके बाद न्यायायिक जांच हाईकोर्ट जस्टिस से कराया जाए।

              क्या लाठीचार्ज को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा। सवाल के जवाब में पुनिया ने कहा कि आज प्रदेश का बच्चा बच्चा लाठीचार्ज की निंदा कर रहा है। आजादी के बाद ऐसा कभी नहीं हुआ कि पुलिस राष्ट्रीय या क्षेत्रिय पार्टी के कार्यालय में घुसकर बर्बर लाठीचार्ज किया हो। ऐसा लाठीचार्ज जो अंग्रेजी शासन की याद दिलाता हो। लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। सरकार निरंकुश हो चुकी है। हिटलर शाही को प्रदेश की जनता बर्दास्त नहीं करेगी। चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा। भाजपा सरकार को हटाया जाए।

                      पुनिया ने कहा कि न्यायायिक जांच होनी चाहिए। मजिस्ट्रेट जांच क्या होती है। पुलिस कप्तान ने ड्राफ्ट तैयार किया और न्यायायिक जांच का आदेश दे दिया। ऐसा नहीं चलेगा।

            भूपेश ने एक सवाल के जवाब में बताया कि जब तक न्यायिक जांच का आदेश नहीं हो जाता,निकाय मंत्री को बर्खास्त नहीं किया जाता…दोषियों को जेल नहीं भेजा जाएगा…तब तक अमर और रमन के कार्यक्रम का विरोध पुरजोर तरीके से किया जाएगा। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का काला झण्डा दिखाकर विरोध किया जाएगा। भूपेश ने कहा कांग्रेस कार्यकर्ता कमजोर नहीं है..कि कोई गाजर मूली की तरह काट दे..यह समझने की भूल रमन सिंह ना करें।

        इस दौरान पुनिया ने किसान,मजदूर और गरीबों को लेकर उग्र आंदोलन की भी बात कही।

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