कांग्रेस नहीं छोड़़ंगा..दिलिप लहरिया

Editor
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IMG-20160609-WA0121बिलासपुर—मैं कांग्रेस का सिपाही हूं..मेरी राजनीतिक पहचान कांग्रेस से है…व्यक्तिगत संबध सबसे हो सकते हैं..लेकिन जनता की सेवा कांग्रेस में ही रहकर करूंगा। कांग्रेस एक विशाल परिवार है। मैं कांग्रेस का विधायक हूं…पार्टी का आदेश सिर आखों पर… सीजी वाल से बातचीत करते हुए यह बातें दिलीप लहरिया ने कही। दिलिप ने बताया कि मेरा ना तो कोई तथाकथित प्रतिनिधि है..और ना ही मैं नई पार्टी के बारे में सोच रहा हूं..मैं कांग्रेस से हूं और कांंग्रेस का ही रहूंगा।

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                         मस्तूरी विधायक लहरिया ने सीजी वाल से बातचीत के दौरान बताया कि कांग्रेस का मैं जिम्मेदार सिपाही हूं। मेरे बारे में अनावश्यक अफवाह फैलाया जा रहा है। कांग्रेस की टिकट पर विधायक बना..कांग्रेस ने ही मुझे राजनीतिक पहचान दी है। इसलिए पार्टी छोड़ने का सवाल ही उठता। आलाकमान जो भी आदेश देगा उसका मैं पालन करूंगा।

                   जोगी ने आपको टिकट दिलाया और आप जोगी की नई पार्टी का सदस्य क्यों नही बनना चाहते हैं के सवाल पर लहरिया ने कहा कि जोगी से मेरे व्यक्तिगत संबध हो सकते हैं…हैं भी लेकिन मेरी राजनीतिक पहचान कांग्रेस है। सभी नेताओं के आपसी संबध होते हैं। मेरा संबध है तो इतना हाय तौबा क्यों। जोगी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। उनसे जैसे पहले संबध थे आज भी है। लेकिन मैं कांग्रेस से नहीं जाने वाला।

                     दिलिप लहरिया ने बताया कि कुछ लोग मेरे बारे में गलत बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को बताना चाहूंगा कि जब तक राजनीति करूंगा कांग्रेस परिवार का सदस्य बनकर रहूंगा। लहरिया ने बताया कि मुझे किसी का फोन नहीं आया था। मैं जिम्मेदार विधायक हूं। पार्टी ने मुझ पर विश्वास किया है। मुझे ना तो किसी ने बुलाया और ना ही किसी ने जाने से मना किया।

                         सीजी वाल से लहरिया ने कहा कि कौन क्या कर रहा है इससे मुझे मतलब नहीं है..मैं क्या कर रहा हूं..इस बारे में बिना सोचे समझे बातचीत ना हो…प्रदेश अध्यक्ष का जो भी आदेश होगा वही हमारा रास्ता है। नई पार्टी में जाने का सवाल ही नहीं उठता है। सियाराम कोटमी मंच पर थे के सवाल को टालते हुए लहरिया ने कहा कि वह क्या कर रहे हैं इस पर मुझे कुछ नहीं करना…। मुझे क्या करना है पार्टी को बता दिया हूं। जो पार्टी चाहेगी वही करूंगा भी। दिलिप ने बताया कि जिस दिन कोटमी में कार्यक्रम था उस दिन घर से कहीं नहीं गया।

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