कार्यालय में घुसकर ई.ई को धमकी

IMG_20160315_152023बिलासपुर– लोक निर्माण विभाग डीविजन एक के इंजीनियर को कार्यालय में घुसकर ठेकेदार ने मारपीट और देख लेने की धमकी दी है। बात एग्रीमेंट को लेकर थी। इंजीनियर जब ठेकेदार की बातों से इत्तफाक नहीं रखा तो वह कक्ष में इंजीनियर मधेश्वर प्रसाद को देख लेने की धमकी दी। इस दौरान विभाग के कुछ कर्मचारी भी उपस्थित थे। इंजीनियर ने कहा कि मैं किसी भी गलत काम को नहीं करूंगा। मैं ठेकेदार के अनुसार काम करने को  बाध्य नहीं हूं।

                            सोमवार को दोपहर लोक निर्माण विभाग संभाग दो के मुख्य अभियंता के कक्ष में घुसकर ठेकेदार ने गाली गलौच और देख लेने की धमकी दी है। इंजीनियर मधेश्वर प्रसाद उस समय कक्ष में शासकीय कार्य को लेकर व्यस्त थे। इसके पहले ठेकेदार को उन्होने बताया कि डीए के अनुसार वे काम नहीं कर सकते हैं। समझाने के बाद ठेकेदार पारूल राय ई.ई.मधेश्वर के कक्ष से कुछ देर के लिए बाहर निकाला। कुछ देर वह फिर कार्यालय के अंदर घुसकर उंगली दिखाकर बात करने लगा। उसने कहा कि मेरा काम होगा या नहीं। पारूल राय ने इस दौरान इंजीनियर मधेश्वर को अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए देख लेने और भर देने की बात कही। जाते जाते उसने गाली भी दी।

                         बात धीमें से शुरू होकर वाद विवाद और फिर ऊंची आवाज तक पहुंची। पारूल राय ने इंजीनियर से कहा कि बाहर निकलने के बाद देख लूंगा। इस दौरान इंजीनियर ने भी दुहराया कि वे अपना काम शासकीय नियम से ही करेंगे। दोनो कुछ देर तक एक दूसरे की ऊंगली ऊठाकर बात करते रहे । मामला पूरी तरह से गर्म हो गया। साथी ठेकेदार के सहयोग से पारूल को इंजीनियर के कमरे बाहर निकाला गया।

                ठेकेदार पारूल राय के अनुसार लोहे की दर को लेकर विवाद है। इंजीनियर फाइल को पास नहीं कर रहे हैं। जबकि डीड भी हुई थी। इस दौरान इंजीनियर ने कहा कि वे इसका जवाब बुलाए जाने पर न्यायालय में दे सकते हैं। वे नियम और विवेक से काम करेंगे। इस दौरान पारूल राय ने कहा कि वे दस्तखत करें। अन्यथा मामला गंभीर हो सकता है।

दर को लेकर विवाद

                  ई.ई.मधेश्वर ने बताया कि लोहे कीमत 26 रूपए किलो है। मैं 39 रूपए की दर से अनुमति नहीं दे सकता हूं। यह सच है कि डीड में कुछ अलग हुआ है। लेकिन मुझपर जवाबदारी है। यदि 39 रूपए की दर से भुगतान कर दिया जाए तो ठेकेदार के भगने पर जिम्मेदार कौन होगा। मैने इस बात को लेकर पारूल राय से भी चर्चा की है। दस्तखत नहीं करने पर कोर्ट में जाने की बात कर रहे हैं। मैने उन्हें जो मुनासिब कदम हो..उठाने को कहा है। लोहा की कीमत वर्तमान में 26 रूपए है। भुगतान भी उसी अनुसार होगा। वे मेरी बातों को समझ भी गए। लेकिन कुछ देर बाद वे फिर केबिन में आए और अभद्र व्यवहार किया। जरूरत पड़ने पर पुलिस का सहारा लिया जाएगा।

                                                                                 इंजीनियर मधेश्वर प्रसाद,ई.ई.पीडब्लूडी संभाग एक

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