कार मालिक को बचा रही कोनी पुलिस…विधवा मां की गुहार..मेरे बेटे को बचा लो..नहीं चाहिए रूपए

IMG20170810133935 बिलासपुर— दो दिन पहले सड़क हादसे में घायल भगवानदीन की हालत नाजुक है। दूसरा घायल अशोक गुप्ता की स्थिति धीरे धीरे सुधर रही है। लेकिन बेरहम गाड़ी चालक और मालिक के खिलाफ अभी तक पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार गाडी में सवार कार मालिक रमाकान्त गुप्ता ने भी फोन बंद कर लिया है। पीडितों का आरोप है कि रमाकान्त गुप्ता को पुलिस बचा रही है। बताया जा रहा है कि एक्सीडेन्ट के समय सिटी होन्डा की ड्रायविंग रमाकान्त गुप्ता परिवार की कोई महिला कर रही थी। महिला को बचाने के लिए पुलिस से मिलकर रमाकान्त ने एक गरीब ड्रायवर को पेश कर दिया।

                     दो दिन पहले दोपहर करीब 2 बजे कोनी थाना से कुछ दूर तेज रफ्तार में सिटी होन्डा ने बाइक सवार दो लोगों को ठोकर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार को महिला चला रही थी। कार रतनपुर से आ रही थी। सामने से मोटर सायकल से आ रहे भगवानदीन ध्रुव और अशोक गुप्ता को गहरी चोट पहुंची। लोगों के सहयोग से घायल मोटर सायकल सवार भगवानदीन और अशोक को अस्पताल में दाखिल कराया गया। अशोक की हालत धीरे धीरे ठीक होने लगी है। जबकि लोदीपारा प्रभा अस्पताल में भर्ती भगवानदीन ध्रुव की हालत नाजुक बनी हुई है।

रिपोर्ट लिखने में आना कानी

                                     कोनी पुलिस भगवानदीन के परिजनों की रिपोर्ट लिखने में आना कानी कर रही है। भगवानदीन की मां का रो रो कर बुरा हाल है। घर में रूपए भी नहीं है। ऊपर से लड़का भी हाथ से निकलता हुआ नजर आ रहा है। भगवानदीन की मां ने बताया कि पति की बहुत पहले मौत हो चुकी है। लड़का कमाकर खिलाता था। दो दिन से कुछ नहीं बोल रहा है। कोनी पुलिस गाड़ी मालिक रमाकान्त गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखना चाहती है। IMG20170810133813

                       भगवानदीन की मां सौहद्रा ध्रुव के अनुसार पुलिस वाले रिपोर्ट लिखाने वालों को बहला फुसलाकर भगा देते हैं य़ा फिर धमकाते हैं। घटना के दूसरे दिन प्रत्यक्षदर्शी एक लड़का रिपोर्ट लिखाने पहुंचा। जांच अधिकारी भास्कर ने पहले तो रिपोर्ट लिखाने का तरीका सिखाया। उसने कहा कि यदि मुआवजा चाहते हो तो महिला के खिलाफ रिपोर्ट ना लिखाओ। क्योंकि महिला को पहचानना मुश्किल है। यदि महिला के खिलाफ रिपोर्ट लिखाओगे तो तलाशी मुश्किल है। उल्टे तुम हीं लोग फंस जाओगे। इतना सुनते ही प्रत्यक्षदर्शी लाला यादव ने रिपोर्ट लिखाने से इंकार कर दिया।

महिला नहीं ड्रायवर चला रहा था गाड़ी

                               जांच अधिकारी बी.भास्कर ने सीजी वाल को बताया कि लड़के लोग झूठ बोल रहे हैं। गाड़ी नानक महिलांगे चला रहा था।नानक की शिकायत पर घटना के कुछ देर बाद ही रिपोर्ट दर्ज है। दरअसल घटना के समय महिलांगे ही होन्डा सिटी को चला रहा था। उसने ड्रायविंग लायसेंस भी जमा किया है। महिलांगे सिरगिट्टी का रहने वाला है। लड़कों ने महिला को एक्सीडेन्ट के बाद कार से उतरते देखा। इसलिए उन्हें लग रहा है कि महिला ही गाड़ी चला रही थी।

पुलिस बड़े लोगों को बचा रही

                 गंभीर रूप से घायल भगवान दीन की विधवा मां सौहद्रा और चचेरा भाई संतोष ध्रुव ने बताया कि पुलिस रमाकान्त गुप्ता को बचा रही है। घटना के समय महिला ड्रायविंग सीट पर थी। एक दिन पहले पुलिस के समझाने पर हम लोगों ने रमाकान्त से फोन पर सम्पर्क किया। उन्होने बताया कि एक घंटे बाद प्रभा अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके बाद हम लोगों ने कई बार फोन लगाया। हर बार एक घंटे में पहुंचने को कहा। देर शाम रमाकान्त गुप्ता ने फोन भी बंद कर लिया। आज भी रमाकान्त गुप्ता का सेलफोन बंद है। मां और भाई ने बताया कि रमाकान्त को पुलिस जानबूझकर छोड़ रही है। हम लोग चाहते हैं कि भगवानदीन सकुशल घर लौट आए। इलाज चल रहा है। पैसे भी नहीं है। कार मालिक इलाज का खर्चा दे दे।

                         यदि भगवानदीन को कुछ हुआ तो एसपी से शिकायत करेंगे। कोनी पुलिस और रमाकान्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। अब तो कोनी पुलिस हम लोगों को ही डांट फटकार रही है।

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