कुक्कुट प्रबंधक चलाता है समानान्तर सरकार

IMG-20151029-WA0001अंबिकापुर — अंबिकापुर कुक्कुट पालक प्रबंधक के सामने उप-संचालक भी पानी मांगता है। प्रबंधक सी.के.मिश्रा का पशु चिकित्सा विभाग में समानान्तर सरकार चलती है। बताया जाता है कि मिश्रा को खुश किये बिना कोई भी कर्मचारी विभाग में नौकरी नहीं कर सकता है। जिसने भी उसे नाराज करने का दुस्साहस किया उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी है। जिसके चलते अंबिकापुर पशु चिकित्सालय विभाग में छत्तीसगढ़ सरकार की कम सी.के.मिश्रा का कानून ज्यादा प्रभावी हैं। शिकायत के बाद भी मिश्रा की तानाशाही बदस्तुर जारी है। जिसके चलते उप-संचालक समेत अन्य अधिकारियों ने मंत्री से अधिक महत्व मिश्रा के आदेश को तरजीह देते हैं।

                 अंबिकापुर पशु विभाग में उपसंचालक का काम कुक्कूट प्रबंधक सी.के मिश्रा के इशारों में होता है। जानकारी के अनुसार कर्मचारियों में भय का पर्याय बन चुके सी.के मिश्रा किसी भी कर्मचारी को बाहर का रास्ता दिखाने में माहिर है। जो उसकी नहीं सुनता या उसके हित में काम नहीं करता सी.के.मिश्रा उसे नौकरी से निकालने का भी माद्दा रखता है। वर्तमान में उसने अपने रसूख का प्रयोग करते हुए शासन के आदेश के बाद भी उप-संचालक की झुठी शिकायत कर डॉ.तनवीर अहमद को ना केवल हटाया बल्कि उसकी वरिष्ठता को नजरअंदाज कर कनिष्ठ सेवा के पद पर स्थापित कर दिया। मिश्रा के आतंक से विभाग के कर्मचारी खून के आंसू रो रहे हैं।

             भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के सचिव आर.के.खरे ने बताया कि विभाग में कई वरिष्ठ लिपिक जिनकी सेवाएं 25 से अधिक हो चुकी हैं। वे भी सी.के.मिश्रा के गलत कामों में सहयोग करते हैं। यदि ऐसा ना करें तो उन्हें मिश्रा नौकरी से निकालने और अपने रसूख का धौंस दिखाता है। जिस लिपिक ने उसकी बातों को नजरअंदाज किया उसे जिला निर्वाचन शाखा में डाल दिया गया है। कमोबेश अधिकारियों की भी यही हालत है। यद्यपि उसकी तानाशाही और विभाग में समानान्तर सरकार चलाने की कई बार शिकायतें की गयी… लेकिन उसका परिणाम उल्टा ही निकाला है।

               खरे ने बताया कि मिश्रा अंबिकापुर पशु विभाग में शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र सकालों का प्रबंधक है। लेकिन उसका रूतवा विभाग में आईएएस जैसा है। खरे ने बताया कि शासकीय नियमानुसार पशु चिकित्सा विभाग में जिस भी जिले में कुक्कुट क्षेत्र है वहां के प्रबंधक को वित्तीय अधिकार नहीं है। खरीद फरोख्त का अधिकार केवल उप संचालक के पास होता है। लेकिन सी.के.मिश्रा ने सारे नियमों को ताक पर रखकर वित्तीय अधिकार हथिया लिया है।  प्रत्येक साल करीब चार लाख से अधिक का फर्जी क्रय विक्रय कर शासन को चूना लगा रहा है। खरे ने बताया कि मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार की फेहरिस्त काफी लंबी है। यदि शासन जांच करे तो सरगुजा पशु विभाग में भ्रष्टाचार का नया अध्याय सामने आ जाएगा।

                                                                                                                                                            क्रमशः

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