केन्द्रीय मंत्री ने कहा..निजीकरण का सवाल ही नहीं..कोल कम्पनी में 50 हजार करोड़ का निवेश..बनाएंगे बेहतर से बेहतर

बिलासपुर—-सोमवार को केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि कोल इंडिया का निजीकरण नहीं किया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कोल इंडिया लिमिटेड का बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा। इसके लिए सरकार 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। 

                        केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि कोल इंडिया कम्पनी को निजीकरण करने का सवाल ही नहीं है। सरकार ने फैसला किया है कि आत्मनिर्भर अभियान योजना के तहत कोल इंडिया कम्पनी को बेहतर बनाया जाएगा। कम्पनी की ढांचा को मजबूत करने सरकार 50 करोड रूपए का निवेदश करेगी।

          जोशी ने जानवकारी दी कि फैसले से कोल इंडिया को वित्त वर्ष 2023-24 तक 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने की राह आसान होगी। कोल इंडिया के लिए यह एक बड़ा अवसर है। कंपनी नई खदानें खोलते हुए अधिक से अधिक कोयला उत्पादन कर देश हो रहे कोयला आयात की भरपाई कर सकती है। साथ ही विश्वास जताया कि आने वाले समय में कोल इंडिया अपने उत्पादन से सालाना 100 मिलियन टन कोयले के आयात की भरपाई करेगी।

               केन्द्रीय कोयला मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सरकार का कोल इंडिया के निजीकरण का कोई इरादा नहीं है। बल्कि सरकार की मंशा है कि कोल इंडिया को मजबूत बनाया जाए। इस दिशा में लगातार काम भी किया जा रहा है। और  आगे भी ऐसा ही होगा।

                                  कोयला मंत्री ने बताया कि कंपनी के पास पर्याप्त कोयला भंडार है। जो देश में 100 वर्षों तक बिजली बनाने और जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखता है। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए हाल-फिलहाल सरकार ने कोल इंडिया को 16 नए कोयला ब्लॉक भी दिए हैं।

  जोशी ने कोल इंडिया परिवार को आश्वासन दिया कि सरकार को कोल इंडिया पर गर्व है। कम्पनी को आने वाले समय में बेहतर से अतिबेहतर की तरफ ले जाना है।

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