केबिनेट बैठकः आईपीएस,आईएफएस सामान्य प्रशासन से अलग

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बिलासपुुर । मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में रविवार को  शाम यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मंत्रिपरिषद ने तकनीकी शिक्षा एवं जनशक्ति नियोजन का नाम संशोधित कर ’कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार विभाग’ करने का निर्णय लिया। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आबंटन नियम में संशोधन किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि राज्य गठन के उपरांत तकनीकी शिक्षा और जनशक्ति नियोजन विभाग के अन्तर्गत संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण रायपुर में कार्यरत है। इसके द्वारा  भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा महानिदेशालय रोजगार एवं प्रशिक्षण नई दिल्ली के निर्देशों पर अमल किया जाता है। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने महानिदेशालय रोजगार एवं प्रशिक्षण का नाम बदलकर महानिदेशालय प्रशिक्षण किया गया है तथा इस विभाग को श्रम विभाग से हटाकर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय को अंतरित किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्तमान में राज्य में प्रशासकीय विभाग (तकनीकी शिक्षा तथा जनशक्ति नियोजन विभाग) के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण तथा राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी संचालित है, जिनके माध्यम से राज्य के युवाओं के कौशल विकास से संबंधित योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अतः तकनीकी शिक्षा,जनशक्ति  नियोजन विभाग से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार भारत सरकार के अनुरूप राज्य में भी विभाग का नाम संशोधित कर ’ कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार विभाग’ रखने का निर्णय मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।

इसी कड़ी में आज की बैठक में छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन कर भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा की स्थापना को सामान्य प्रशासन विभाग से क्रमशः गृह विभाग और वन विभाग को सौंपने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 में राज्य सरकार के प्रथम अनुपूरक अनुमान का अनुमोदन भी बैठक में किया गया।
 

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