कैसे…सच होगा..स्मार्ट शहर का सपना

nigam333बिलासपुर— स्मार्ट सिटी को लेकर आजकल बिलासपुर की आबोहवा कुछ बदली से बदली सी है। जितनी मुंह-उतनी बांते..स्मार्ट सिटी को लेकर सुनने को मिल रही हैं। आखिर स्मार्ट सिटी है क्या..जाने अंजाने आजकल सभी लोग जानने को उत्साहित हैं। पूरा शहर स्यातवाद की तरह स्मार्ट सिटी को अपनी नजरों से देख रहा है। चर्चा भी कर रहा है। कमोबेश सभी लोग स्मार्ट सिटी का अर्थ बेहतर सड़क, पानी, बिजली, और साफ-सफाई से लगा रहे हैं। जो काफी हद तक सही भी है।

                 जिस शहर की मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त होंगी जाहिर सी बात है कि वह शहर स्मार्ट कहलाएगा। फिर यह भी सच है कि यदि उल्लेखित मूलभूत सुविधाओं का होना ही यदि स्मार्ट सिटी है तो हमारे देश में पहले से ही सैकड़ों की संख्या में स्मार्ट सिटी है। लेकिन ऐसा है नहीं। भारत का प्रत्येक नागरिक पिछले सत्तर साल से बिजली पानी सड़क यातायात के लिए संघर्ष कर रहा है। चाहे वह मेट्रोपोलिटन सिटी मुम्बई हो या दिल्ली,कोलकाला हो या चेन्नई। समस्या कम होने के वजाय बढ़ी है। लोगों में खटास ने घर कर लिया है। पडोसी पड़ोसी को नहीं पहचानता है। जाहिर सी बात है मुम्बई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और कुछ हो सकते हैं लेकिन स्मार्ट सिटी नहीं है। सवाल उठना लाजिम है कि आखिर स्मार्ट सिटी है क्या। क्या यह बिलासपुर के लिए संभव है। यदि नहीं है तो इसे थोफा क्यों जा रहा है।

               डिजीटल तकनिकी यानि इन्फार्मेशन एन्ड कम्यूनिकेशन का उपयोग शहरी सुविधाओं,गुणवत्ता की बढ़ोत्तरी सुविधाओं के साथ किया जाना ही स्मार्ट की प्रमुख पहचान है। सुविधाओं की कीमतों में कमी और उपभोग की वस्तुओं में सहभागिता भी स्मार्ट सिटी का हिस्सा है। इसके लिए जनता को प्रेरित करना और जोडना सबसे अहम पहलू है। आमजन का सरकारी सुविधाओं,जैसे यातायात, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल करना डिजीटल तकनिकी का हिस्सा है।

            स्मार्ट सिटी में मुख्य रूप से स्मार्ट गवर्नेस, ई.गवर्नेस, स्मार्ट मोबिलिटी, स्मार्ट इकोनोंमी, स्मार्ट एनवायरोमेंट, स्मार्ट पीपल और स्मार्ट रहन सहन का जिक्र इन दिनों खूब हो रहा है। मुख स्मार्ट गवर्नेस से मतलब लोगों का शहर को सुव्यवस्थित करने में सहभागिता हो। इसमें ई गवर्नेश भी शामिल है। स्मार्ट मोबिलिटी का अर्थ सुरक्षित और कीफायती ट्रांसपोर्ट व्यवस्था, कार साझा करना, कम दूरी के लिए सायकल की आदत डालना है।nigam1

             स्मार्ट अर्थव्यवस्था को कारोबार की बृद्धि पर फोकस किया गया है। माना जाता है कि कारोबार ही धन अर्जन का प्रमुख स्रोत है। कारोबार का बेहतर माहौल होगा, शहर को धन भी मिलेगा। साफ वातावरण, हरियर क्षेत्र, उद्यान, तालाबों का संरक्षण, खासतौर पर वाटर हार्वेस्टिंग सुविधा मतलब स्मार्ट पर्यावरण का होना स्मार्ट सिटी की प्राथमिकताओं में प्रमुख है।

               स्मार्ट सिटी का अर्थ स्मार्ट जनता और उनके रहन सहन से भी है। जब तक लोगों में खुलापन नहीं होगा, सहभागिता की भावना नहीं होगी। विविधता के बाद भी लोगों को एकजुटता दिखाना होगा, जो केवल प्रदर्शन तक ही नहीं होगा। स्मार्ट शहर बनने के लिए स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा, शिक्षा, सामाजिक जुड़ाव, सैलानियों की सुविधाओं के साथ ही स्वस्थ्य विचारों का आदान प्रदान यदि नहीं है तो बिलासपुर को स्मार्ट सिटी बनने में सदियों लग जाँएगे। फिर भी पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे.कलाम कहते हैं कि सपना देखने वाले ही कामयाब होते हैं। देखने वाली बात है कि नेता,अधिकारियों का क्या स्मार्ट सिटी का सपना साकार होता है या नहीं। यह समय ही बताएगा।

Comments

  1. By Sonal yadav

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