मेरा बिलासपुर

कॉर्बन नेनो ट्यूब मच्छर खत्म करने में उपयोगी……

uni.chem.

बिलासपुर । गुरू घासीदास विश्वविद्यालय, यू.जी.सी.-मानव संसाधन विकास केन्द्र (एच.आर.डी.सी.) में रिफ्रेसर कोर्स यू.जी.सी.-मानव संसाधन विकास केन्द्र (एच.आर.डी.सी.) एक से इक्कीस मई तक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के प्रशिक्षणाथिर्यों ने भाग लिया। उक्त प्रशिक्षण 18 दिवस का था जो 72 सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न व्याख्यान, प्रायोगिक, परीक्षा एवं रजिस्टेªशन, उदघाटन, समापन, आदि किये गये। उक्त प्रशिक्षण का समापन कार्यक्रम गुरूवार को प्रो. एस. पी. सिंह, कुलपति, गु.घा.वि.वि. के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उक्त रिफ्रेसर कोर्स के कोर्स कोआर्डीनेटर प्रो. जी. के. पात्रा, अधिष्ठाता, विज्ञान संकाय एवं विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र विभाग तथा प्रो. एस. एल. स्वामी, निदेशक, एच.आर.डी.सी. एवं डॉ. (श्रीमति) आरती सिंह, सहायक प्राध्यापक, गु.घा.वि.वि. उपस्थित थे ।

 

सर्वप्रथम उक्त रिफ्रेसर कोर्स के कोर्स कोआर्डीनेटर प्रो. जी. के. पात्रा, अधिष्ठाता, विज्ञान संकाय एवं विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र विभाग ने कहा कि इस तरह के कोर्स प्रतिभागियों को रसायन एवं प्रोद्योगिकी के विभिन्न  विषयों की अप-टू डेट जानकारी एवं ज्ञान प्रदान किया जाता है। इसी कड़ी में देश के विभिन्न विख्यात संस्थानों से जैसे- आई.आई.टी. कानपुर, आई.आई.टी. मुम्बई, आईएसीएस कोलकाता, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के ख्यातिनामा प्राध्यापकों द्वारा विभिन्न रोचक एवं आधुनिक संदर्भित विषय जैसे-ग्रीन नेनो टेक्नोलॉजी, पॉलीमर एवं हाइड्रोजेल ड्रग एवं डिजाइनर ड्रग आईनिक लिक्किड, उत्प्रेरण कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री, नेनो डिवाईसेस इत्यादि विषयों पर सारगर्भित एवं सरल ढंग से समझाया गया। साथ ही यह जानकारी विशेष रूप से दी गई कि किस प्रकार नेनो एवं कार्बन नेनो ट्यूब से मच्छरों को मारने के लिए उपयोग किया जा सकता है बगैर किसी साइडइफेक्ट के। इस रिफ्रेसर प्रोग्राम में आए हुए सभी प्रतिभागी रिसोर्स पर्सन्स से अपने विचार एवं ज्ञान का आदन प्रदान करते हैं।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. एस. पी. सिंह, कुलपति,  ने अपने उदबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय एवं शिक्षक का विकास राष्ट्र का विकास है। उन्होने सभी शिक्षकों से अनुरोध किया कि अपने विषय के बारे में जानकारी अपडेट करते रहें और देश विदेश के विभिन्न विद्वानों के शोध कार्यो के सम्पर्क में रहें। इस रिफ्रेसर कोर्स में आए हुए सभी शिक्षकों के उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रदान की। छात्र व छात्राएं विश्वविद्यालय में शिक्षकों के ही आचरण, उनके ज्ञान और पढ़ाने के कारण ही विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित होते हैं। शिक्षकों को बहुत अध्ययन करना चाहिए और अपने ज्ञान को विद्यार्थियों के बीच चर्चा करना चाहिए। विभाग में विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकों का ज्ञान, विभाग का वातावरण ही विद्यार्थियों को उस विभाग की तरफ आकर्षित करता है। उन्होनें प्रतिभागियों से ये भी कहा कि शिक्षक अपना कत्र्तव्य भलीभांति पूर्वक करते रहें और यही उनकी सबसे अहम राष्ट्रसेवा है।

 

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मानव संसाधन विकास केन्द्र के निदेशक प्रो. एस. एल. स्वामी ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रो. स्वामी ने कहा कि भविष्य में मानव संसाधन विकास केन्द्र का उन्नयन होना सुनिश्चित है जिससे कि समूह 08 में आने वाले 07 मानव संसाधन विकास केन्द्रों में प्रथम स्थान प्राप्त कर लेगा। और इस प्रकार यह केन्द्र रीजनल सेन्टर फार केपेसिटी बिल्डिंग के रूप में चिन्हित करने के लिए  कुलपति  के माध्यम से प्रस्ताव यू.जी.सी. में विचार विमर्श करने के लिए अनुरोध किया। अभी भी इस समूह में गुरू घासीदास विश्वविद्यालय का माॅनव संसाधन विकास केन्द्र एक मात्र केन्द्रीय विश्वविद्यालय है।

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कार्यक्रम का संचालन डॉ. आरती सिंह, सहायक प्राध्यापक ने किया ।

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