कोरोना सैंपल कलेक्शन में ड्यूटी कर रहे शिक्षक की मौत…?संयुक्त शिक्षक संघ ने लगाया संवेदनहीनता और हठधर्मिता का आरोप

रायपुर।कोरोना संक्रमण काल में शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना संबंधी विभिन्न कार्य कांट्रेक्ट ट्रेसिंग, ऐक्टिव सर्विलांस, कोरोना मरीज की अस्पताल भर्ती व रिकॉर्ड अपडेट, घर घर कोरोना सर्वे, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टॉप, विख जिला राज्य के चेकपोस्ट में ड्यूटी आदि एवं सेंपल कलेक्शन जैसे सबसे खतरनाक में लगातार लगाया जा रहा है। इनमें से कई कार्यो के लिए शिक्षक अप्रशिक्षित है और उन्हें सुरक्षा के उपकरण भी नही दिए जा रहे है और न ही किसी प्रकार का बीमा हैं। ऐसे में लगातार शिक्षको का असमय मौत हो रहा है। प्रदेश में करीब 20 शिक्षको की असमय मौत कोरोना कार्य करते हो गई हैं। ताजा मामला राजधानी रायपुर का हैं, जहाँ अब तक 04 शिक्षकों की मौत हो गई हैं। श्री नीलेश देवांगन शिक्षक एलबी शासकीय हिन्दू हायर सेकंडरी स्कूल रायपुर में पदस्थ थे। जिनका ड्यूटी लगातार कोरोना संबधी कार्य मे लगाया जा रहा था।सीजीवाल न्यूज के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने यहाँ क्लिक कीजिए

इस दौरान शिक्षक कोरोना की चपेट में आ गए। दिनाँक 27.09.2020 को उनकी तबियत गंभीर हो गई। सास लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती करने के लिए एम्बुलेंस बुलाया गया, जिसमे ऑक्सीजन नही था। अस्पताल ले जाते समय ऑक्सीजन की कमी के कारण शिक्षक की असमय मौत हो गया। दिवंगत शिक्षक की पत्नी भी शिक्षिका है। कुछ दिन पहले उनके ससुर की मौत कोरोना से हुई हैं। जिस दौरान दिवंगत शिक्षक की पत्नी भी कोरोना की चपेट में आ गई। और इस दौरान भी जिला प्रशासन द्वारा दिवंगत शिक्षक का लगातार कोरोना ड्यूटी लगाया गया।

संयुक्त शिक्षक संघ प्रांताध्यक्ष केदार जैन सहित प्रांतीय पदाधिकारी श्रीमती ममता खालसा, ओम प्रकाश बघेल, अर्जुन रत्नाकर, गिरजा शंकर शुक्ला, नरोत्तम चौधरी, श्रीमती माया सिंह, सोहन यादव, ताराचंद जयसवाल, रूपानंद पटेल, मुकुन्द उपाध्यक्ष, अमित दुबे, सचिन त्रिपाठी संतोष टाडे, जिलाध्यक्ष रायपुर पवन सिंह ने संघ की ओर से श्री नीलेश देवांगन शिक्षक के असमय निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट किया हैं। संघ प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने छत्तीसगढ़ सरकार पर शिक्षको के प्रति संवेदनहीन होने और शिक्षको को जानबूझकर मौत के मुह में भेजने का गंभीर आरोप लगाया हैं। रायपुर कलेक्टर सहित अधिकारियो पर हठधर्मिता पूर्वक कार्य करने, शिक्षको की बातों को अनसुना कर भयादोहन करने का भी आरोप लगाया हैं।

शिक्षक कोरोना संबधी कई कार्यो के लिए अप्रशिक्षित हैं और न ही सुरक्षा बीमा हैं, न ही सुरक्षा मानकों की व्यवस्था जिसे सरकार व अधिकारी भलीभांति जानते है उसके बावजूद शिक्षको को भगवान भरोषे छोड़कर कार्य कराया जा रहा हैं। जो शिक्षक कोरोना ड्यूटी में निजी गंभीर परेशानी के कारण रिलीव चाहता हैं तो उसे अनसुना करके कार्यवाही करने, वेतन रोकने काटने आदि का नोटिस देकर भयादोहन किया जाता हैं।

संयुक्त शिक्षक संघ द्वारा पूर्व से ही लगातार कोरोना वारियर्स की तरह ही 50 लाख सुरक्षा बीमा व सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने एवं कोरोना के अप्रशिक्षित कार्यो से अलग रखने का मांग किया जाता रहा हैं। लेकिन लगातार अनदेखा करते हुए, शिक्षको के जान को जोखिम में डाला जा रहा हैं, जिसे अब बर्दास्त नही किया जा सकता। संयुक्त शिक्षक संघ ने मा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी से संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कोरोना कार्य करने वालो शिक्षको का 50 लाख का सुरक्षा बीमा, सुरक्षा उपकरण प्रदान करना एवं दिवंगत शिक्षको के आश्रित को सहायक शिक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति, तत्काल लागू करने का मांग किया हैं।

संयुक्त शिक्षक संघ द्वारा इस आषय का राज्यव्यापी ज्ञापन दिनाँक 01 अक्टूबर 2020 को सभी जिला मुख्यालय व मंत्रालय में सौंपा जाएगा। कोरोना ड्यूटी कर रहे शिक्षको से संघ अपील करता हैं कि स्थानीय स्तर पर एसडीएम, बीएमओ, बीईओ को बीमा, सुरक्षा मानक का आवेदन जरूर देवे। इसके बाद भी सरकार द्वारा निर्णय नहीं लिए जाने पर शिक्षक सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन व स्थानीय प्रसाशन की होगी।

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