कौशल विकास के लिए निःशक्तजनों का बढ़ाया हौसला

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बिलासपुर । विश्व युवा कौशल दिवस पर शहर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । खास तौर पर निःशक्तजनों के बीच आयोजित कार्यक्रम में उन्हे कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित किया गया। इन कार्यक्रमों में संभागीय कमिश्नर सोनमणि वोरा ने भी शिररकत की।

संभागायुक्त श्री सोनमणि बोरा ने बुधवार को  विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर जिला पुर्नवास केन्द्र में निःशक्तजनों के लिए आयोजित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण जांच एवं माप शिविर में कहा कि निःशक्तजन अपने आप को उपेक्षित न समझें।  बल्कि अपना नजरियां बदलें और पूरे मनोभाव से सकारात्मक उर्जा प्राप्त करें। इससे सामान्य लोगों की तरह सफलता मिलेगी  ।उक्त शिविर जिला पुर्नवास केन्द्र एवं लैन्कों फाउन्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने अपने संबोधन में कहा कि निःशक्तजनों को शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत् लाभान्वित किया जाता है। ताकि उनके जीवन में सहुलियत हों। निःशक्तजन कल्याण समिति के अध्यक्ष श चिन्तामणि दीक्षित ने बिलासपुर संभाग में संभागायुक्त श्री बोरा के नेतृत्व में निःशक्तजनों के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की

आश्रयदत्त कर्मशाला में   निःशक्तजनों के लिए आयोजित व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संभागायुक्त  सोनमणि बोरा ने कहा कि अपने हुनर को स्वावलंबन के साथ जोड़ें। इससे स्वयं आत्मनिर्भर होने के साथ ही दूसरों के लिए भी प्रेरणा के स्त्रोत बनेंगे।          जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने कहा कि निःशक्तजनों के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वयं कार्यक्रम संचालित है। इसके तहत् निःशक्तजनों को एक ही जगह सभी जानकारी मिल जाती है। उन्होंने कहा कि इसका लाभ लें और स्वावलंबी बनें। श्री भूरे ने अवगत कराया कि यहां पर दिए जा रहे प्रशिक्षण आगामी तीन माह में पूर्ण होंगे

अब ब्लाइंड स्कूल हायर सेकेन्डरी तक

तिफरा स्थित दृष्टि बाधित शाला को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उन्नयन किया गया है। अब क्षेत्र के निःशक्त बच्चों को हायर सेकेण्डरी तक शिक्षा प्राप्त करने के लिए रायपुर जाना नहीं पड़ेगा। पूर्व में निःशक्तजनों के लिए बिलासपुर में हायर सेकेण्डरी की शिक्षा के लिए सुविधा उपलब्ध नहीं थी। यहां हायर सेकेण्डरी स्कूल प्रारंभ होने से वे स्थानीय स्तर पर ही शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। आज विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर इसका शुभारंभ किया गया। अब तक पांच बच्चे प्रवेश ले चुके हैं। क्षेत्र के रायपुर में अध्ययनरत बच्चे भी यहां प्रवेश ले सकेंगे। संभागायुक्त  सोनमणि बोरा ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम संबोधित करते हुए कहा कि निःशक्तजनों की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी हुई है। अब यहां के निःशक्त बच्चों को हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर जाना नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्कूल के प्राचार्य से कहा कि वे पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाएं। श्री बोरा ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ निःशक्त बच्चों के अनुकूल कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए भी प्रयास करें। ताकि वे पढ़ाई के बाद स्वयं का रोजगार प्रारंभ कर सकें।

विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर सोनमणि बोरा ने लायव्लीहुड काॅलेज निपनिया में विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे भी उपस्थित थे।

 

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