मेरा बिलासपुर

क्यों एक जुट हुए कांग्रेसी और भाजपाई…ग्रामीणों के साथ कलेक्टोरेट कार्यालय को घेरा…कहा..सरकार करे जनमत का सम्मान

  बिलासपुर— आज एक साथ हजारों की संख्या में लोग विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के निगम में शामिल होने के लिए अधिसूचित किए गांवों के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान मर्जर का विरोध करने वालों में भाजपा से ज्यादा कांग्रेसी नेता ज्यादा दिखाई दिए। लेकिन सहमे हुए अंदाज में बताया कि हम राजनीति नहीं बल्कि जनता की भावनाओं को सीएम के सामने रखने के लिए आए हैं। क्योंकि हमें मालूम है कि मुख्यमंत्री गांव गरीब के सबसे बड़े संरक्षक हैं। भाजपा विधायक रजनीश सिंह, डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी के अलावा हर्षिता पाण्डेय ने भी निगम विस्तार का ना केवल विरोध किया। साथ ही आरोप लगाया कि निगम सीमा विस्तार का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है।

                       कलेक्टर कार्यालय में आज एक साथ नगर निगम में मर्जर समर्थक और विरोधी दावा आपत्ती पेश करने पहुंच गए। जिसके चलते घंटो आवागमन प्रभावित रहा। कलेक्टर में भारी गहमागहमी का माहौल देखने को मिला। एक बार तो ऐसा लगा कि नेता फिर से विधानसभा चुनाव के लिए समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुचे हैं। इस दौरान यह समझ में आया कि जहां कांग्रेस नेता जनता के बीच अपनी साख बचाने मर्जर के खिलाफ दावा आपत्ती पेश किया। तो वहीं कांग्रेस नेता भी कमोबेश कुछ इसी मनोदशा में तमाम सवालों के बहाने समर्थकों के साथ निगम विस्तार के खिलाफ लिखित में दावा आपत्ति कर निगम विस्तार का विरोध किया।

बांधी,रजनीश और हर्षिता की अगुवाई में उमड़े समर्थक

समर्थकों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे मस्तूरी विधायक डॉ,कृष्णमुर्ति बांधी ने बताया कि हम देवरीखुर्द और दो मुहानी का निगम में मर्जर का विरोध करते हैं। बांधी ने बताया कि मस्तूरी विधानसभा का देवरीखुर्द और दो मुहानी अविकसित क्षेत्र है। दोनों ही पंचायतों में सड़क पानी बिजली की विकराल समस्या है। विशेष कर देवरीखुर्द स्थित अटल आवास की हालत बहुत ही खराब हालत है। क्षेत्रों में कमजोर आय वर्ग के लोग निवास करते हैं। लोगों का जीवन पेंशन से चलता है। यदि क्षेत्र निगम में शामिल होता है तो लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कमजोर आय वर्ग के लोग नक्शा की अनिवार्यता को वहन नही कर सकेंगे। भारी भरकम टैक्स भुगतान करने में लोगों को परेशानी होगी। यहां के गरीबों का चुल्हा मनरेगा से जलता है। निगम में शामिल होने के बाद उन्हें काम भी मिलना बंद हो जाएगा।

एकता में नज़र आयी गुटीय अंसतुलन की दरार.. छिटके छिटके नजर आए भाजपा के बड़े नेता.. संयुक्त बयान नहीं..दावा..सरकार को उखाड़ फेकेंगे

                                                                          बेलतरा विधायक रजनीश सिह और भाजपा नेत्री हर्षिता पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश सरकार ने निगम विस्तार का निर्णय बहुत जल्दबाजी में लिया गया है। रजनीश ने बताया कि कुछ दिनों पहले सीएम ने कहा था कि मामले में रायशुमारी के बाद निर्णय लिया जाएगा। लेकिन हरेली के समय उन्होने एलान किया कि निगम सीमा का विस्तार होगा। हम सीएम से मिलकर जनता की भावनाओं को रखेंगे। गरीब किसानों की समस्याओं से अवगत कराएंगे। जानने का प्रयास करेंगे कि आखिर गरीबों के हितों को सरकार किस तरह संरक्षण देगी। सम्पत्ति कर समेत अन्य मामलों को लेकर क्या कुछ निर्णय लिया गया है…जानने का प्रयास करेंगे। हर्षिता पाण्डेय ने भी घुरू अमेरी के निगम में शामिल नहीं होने का समर्थन किया

त्रिलोक समर्थकों के साथ किया विरोध…

भारी भरकम संख्या के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि नगर निगम में पंचायतों के विलय का विरोध सबके सामने है। ग्रामीण जन नहीं चाहते कि नगर निगम में उनके क्षेत्र को शामिल किया जाए। नगर निगम बिलासपुर में 15 ग्राम पंचायतों दो नगर पंचायत और एक नगर पालिका के विलय का प्रस्ताव जन विरोधी है।

               देवरीखुर्द  लिंगीयाडीह  मोपका बिरकोना कोनी खमतराई बिनौर बहतराई मंगला दोमुहानी गुरु अमेरी उस्लापुर सिरगिट्टी और  सकरी को नगर निगम में मिलाने का प्रस्ताव कर शासन ने 15 अगस्त तक दावा आपत्ति मंगवाया है। लेकिन ग्रामीणों ने नगर निगम में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। त्रिलोक श्रीवास ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संवेदनशील जननेता  है। सर्वहारा वर्ग के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित हैं। गांव गरीब और किसान उनकी प्राथमिकता शामिल है निश्चित रूप से मुख्यमंत्री निर्णय लोगों की जनभावनाओं का सम्मान करेंगे।

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