खेरा समर्थकों ने नम आंखों से किया याद..श्रदांजलि कार्यक्रम में प्रोफेसर के जीवन पर डाला प्रकाश..कहा हमेशा रहेंगे याद

बिलासपुर—-जिले के बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों ने 23 सितंबर को प्रो. प्रभुदत्त खेड़ा को याद किया। समाजसेवियों औरचाहने वालों ने बताया कि आज के ही दिन प्रभुदत्त खेड़ा साल 2019 में इस दुनिया को अलविदा कहा। वनवासी शिक्षा दूत , बैगा आदिवासियों के मसीहा प्रोफेसर प्रभुदत्त खेडा का नाम हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। 
 
            प्रोफेसर प्रभुदत्त खेड़ा के कर्मभूमि लमनी छपरवा में विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रभुदत्त खेड़ा के स्थापित शाला में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में  लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान सभी ने प्रोफेसर खेरा को नम आंखों से याद भी किया।
 
            श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अभयारण्य शिक्षण समिति के शिक्षक परिवार, अभ्यारण शिक्षण समिति के सभी सदस्य, ग्रामवासी के अतिरिक्त शाला के विद्यार्थी इस अवसर में उपस्थित रहे।
खेरा के अनुयायी और छत्रछाया में काम करने वाले सुनील जायसवाल ने इस दौरान यादों को सबके साथ  साझा किया। बताते चलें कि प्रोफेसर खेरा को सुनील जायसवाल ने ही मुखाग्नि दी थी। 
 
          शाला परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बिलासपुर से संदीप चोपडे , राजनांदगांव से डॉ महेश श्रीवास्तव , शाला परिवार के शिक्षक योगेश जायसवाल, दीपक, इदरीश खान, सोनू मरकाम, अतुल लास्कर, मनीराम, ग्रामवासी अपने प्यार को श्रद्धासुमन के रूप में अर्पित किए।
इस अवसर पर शाला के बच्चो को कापियां, रबर, पेंसिल, मास्क, पुस्तके, वितरित को गई।

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