खेल में अनुशासन सर्वोपरि..खेल महाकुंभ समापन कार्यक्रम में कलेक्टर ने कहा…अनुशासन सफलता की बड़ी कुंजी

बिलासपुर–जिला खेल परिसर में आज खेल महाकुंभ 2018 का समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में प्रतिभाओं को कलेक्टर ने सम्मानित किया। कलेक्टर पी.दयानन्द ने कहा कि खेल का महत्व हार जीत से कहीं ज्यादा अनुशासन से जुड़ा है।इतना गांठ बांध ले अच्छा मौका और बेहतर खेल केवल खेल मैदान में विजेता बनाता है। लेकिन अनुशासन हारने और जीतने वाले दोनों खिलाड़ियों को बेहतर इंसान बनाता है।

                       कलेक्टर ने कहा कि खेल अनुशासन सीखाता है। यह सच है कि खेल में हारजीत का महत्व होता है। लेकिन यह बहुत बड़ी बात है कि यदि अनुशासन जीवन में नहीं रहा तो सफलता बहुत दिनों तक साथ नहीं रहने वाली है। दरअसल अनुशासन से ही लगन पैदा होता है। यही लगन ऊंचाई देता है। सहभागिता के भाव को पैदा करता है। यही समय होता है जब आप कुछ भी कर सकते हैं।

          कलेक्टर ने कहा कि युवाओं में सबसे ज्यादा उत्साह होता है। खेल के प्रति उत्साह से सफलता जरूर मिलती है। समापन अवसर पर कबड्डी बालक वर्ग में बिल्हा विजेता, मस्तूरी उपविजेता, कबड्डी बालिका वर्ग में बिल्हा विजेता, पेण्ड्रा उपविजेता, वाॅलीबाल बालक वर्ग में कोटा विजेता, मस्तूरी उपविजेता, बालिका वर्ग में मस्तूरी विजेता, गौरेला उपविजेता, हैण्डबाल बालक वर्ग में गौरेला विजेता, मस्तूरी उपविजेता घोषित किये गये। अतिथियों द्वारा सभी विजेताओं को शील्ड देकर पुरस्कृत किया गया।

                इस अवसर पर खेल प्रशिक्षकों को भी कलेक्टर ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्दिकी, जिला खेल अधिकारी प्रतिमा सागर और जिले के सभी विकासखण्डों से आये खिलाड़ी मौजूद थे।

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