हमार छ्त्तीसगढ़

गागड़ा और नेगी ने किया तितिरगांव का भ्रमण

IMG_20151119_201625_413रायपुर। प्रदेश के वन मंत्री महेश गागड़ा एवं भारत सरकार के वन महानिदेशक डॉ. एस.एस. नेगी ने आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बस्तर जिले के तितिरगांव में किए गए बांस एवं नीलगिरी के वृक्षारोपण कार्य का अवलोकन किया। अतिक्रमण से प्रभावित तितिरगांव से वर्ष 2013-14 में 10 हेक्टेयर भूमि से अतिक्रमण हटाकर तथा कैम्पा योजना के अंतर्गत बांस के 4 हजार एवं नीलगिरी के 8 हजार कोलोनल पौधों का रोपण किया गया हैं। ये पौधे केवल 18 महिने में ही करीब 14-15 फीट की ऊंचाई को प्राप्त कर चुके हैं और इनकी जीवन्तता करीब 95 प्रतिशत रही हैं। यह उत्पादित होने वाले बांस और नीलगिरी की बल्ली स्थानीय ग्रामीणों को निस्तार के रूप में उपलब्ध हो सकेगी। डॉ. नेगी ने इस वृक्षारोपण को एक उत्कृष्ट एवं सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा संयुक्त वन प्रबंधन समिति तितिरगांव के सदस्यों और वन विभाग के कर्मचारियों को रोपित वन क्षेत्रों की लगातार सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया, जिससे भविष्य में ये वृक्षारोपण एक अच्छे वन का रूप ले सके।
डॉ. नेगी ने बस्तर अंचल की सुदूर वन क्षेत्रों का भी भ्रमण किया साथ ही साथ चित्रकोट जलप्रपात का भी भ्रमण किया। उन्होंने बस्तर में किए गए व्यापक वृक्षारोपण तथा वन संरक्षण के प्रयासों की प्रशंसा भी की तथा इस क्षेत्र को इकोटूरिज्म की दृष्टि से बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल वार्मिंग आज की बड़ी चुनौती है। इसका सामना करने के लिए वन विभाग सहित अन्य संस्थाओं को चाहिए कि वे वानिकी विकास के लिए अधिकारी कार्य करें तथा वन क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण के लिए सघन वृक्षारोपण करें। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों इंद्रावती, महानदी, अरपा, शिवनाथ, हसदो, मांड और ईब आदि के जलग्रहण क्षेत्रों में जंगल हैं। बारिश के पानी और भू-जल के संरक्षण में इनकी अच्छी भूमिका हो सकती है। उन्होंने वानिकी विकास के साथ-साथ भू-जल संरक्षण पर भी जोर दिया, जिससे गिर रहे भू-जल की समस्या की रोकथाम की जा सके साथ ही साथ नदियों और नालों में भी पानी की सतत आपूर्ति बनी रहे।
IMG_20151119_201616_240इस अवसर पर राज्य शासन के प्रधान मुख्य वन संरक्षक ए.ए. बोआज, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सर्वश्री मुदित कुमार सिंह और कौशलेन्द्र सिंह, भारत सरकार के क्षेत्रीय वन कार्यालय नागपुर के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कवलजीत सिंह, बस्तर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक एम.टी. नंदी एवं सी.सी.एफ. (वन्य प्राणी) रामाराव, वनमण्डलाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे। कमिश्नर दिलीप वासनीकर और कलेक्टर अमित कटारिया ने भी डॉ. नेगी से मुलाकात की और उन्हें बस्तर के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

डीए रोकने के फैसले के खिलाफ 27 अप्रैल को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगा तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, पी.आर यादव बोले – राष्ट्रीय संकट में पहले कभी कर्मचारियों के वेतन – भत्ते में नहीं की गई कटौती
Back to top button
CLOSE ADS
CLOSE ADS