गृहसचिव, जेल अधीक्षक को कोर्ट की नोटिस

high_court_visualबिलासपुर—जेल अधीक्षक के वेतन भुगतान मामले में हाईकोर्ट ने सचिव गृह जेल विभाग, अवर सचिव गृह और केंद्रीय जेल अधीक्षक को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह में जवाब मांगा हैं।

                             लक्ष्मीनारायण शर्मा मुख्य प्रहरी केंद्रीय जेल बिलासपुर ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर जुलाई 2016 से अप्रैल 2015 तक का वेतन भुगतान किए जाने की मांग की है। याचिका कर्ता का स्थानांतरण 15 जुलाई 2014 को उपजेल सारंगढ़ हो गया था। उच्च न्यायालय ने तबादला पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को 10 दिन के भीतर  विभाग में अभ्यावेदन देने को कहा था। लेकिन अधिकारियों ने मामले का निराकरण नहीं किया।

                                याचिकाकर्ता की अवमानना याचिका पर कोर्ट ने शासन को 2 सप्ताह के भीतर कारणों की जानकारी देने को कहा। जवाब नही मिलने पर याचिकाकर्ता सारंगढ़ ज्वाइनिंग करने गया लेकिन अधिकारियों ने मुख्य प्रहरी का पद खाली नहीं होने करने कारण ज्वानिंग लेने से इंकार कर दिया।

                          शर्मा की तीसरी रिट याचिका पर हाईकोर्ट ने 30 मार्च 2015 को आदेश दिया कि आगामी आदेश तक याचिकाकर्ता को केन्द्रीय जेल में काम करने दिया जाए। शासन 4 सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन का निराकरण करे। मामला नहीं सुलझने पर शर्मा ने चौथी बार अवमानना याचिका दाखिल की। कोर्ट ने सचिव गृह जेल अरूण देव गौतम अवमाननाकर्ता के अधिवक्ता से तीन दिन में जवाब प्रस्तुत करने को कहा । अधिकारियों ने बताया कि याचिकाकर्ता का तबादला उपजेल सारंगढ़ से बिलासपुर कर दिया गया है। जुलाई 2014 से अप्रैल 2015 तक का वेतन नही दिया गया है। जल्द ही निराकरण दिया जाएगा। वेतन नहीं मिलने से परेशान शर्मा ने पांचवी बार याचिका दायर की । कोर्ट ने उत्तरवादियों को 6 सप्ताह के अंदर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

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