गौरवपथ भ्रष्टाचारः हस्तक्षेप याचिका पर होगी सुनवाई

high_court_visualबिलासपुर— गौरव पथ भ्रष्टाचार मामले में सामाजिक कार्यकर्ता मणिशंकर पाण्डेय की हस्तक्षेप याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। चीफ जस्टिस दीपक कुमार गुप्ता ने कहा है कि गौरवपथ मामले में मणिशंकर पाण्डेय के प्रमाण और दावो को देखा सुना जाएगा।

                                     हाईकोर्ट ने मणिशंकर पाण्डेय की गौरवपथ भ्रष्टाचार मामले में दायर याचिका को स्वीकार कर लिया है। माालूम हो कि सामाजिक कार्यकर्ता मणिशंकर पाण्डेय और अन्य लोगों की याचिका पर हाईकोर्ट ने गौरवपथ भ्रष्टाचार मामले में जांच का आदेश दिया था। लोकनिर्माण विभाग सचिव अमिताभ जैन ने गौरवपथ जांच रिपोर्ट शासन को दिया। मामले में हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि विभागीय जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

                         मामले में निगम ने दो अधिकारियों को निलंबित किया है। निगम आयुक्त ने गौरवपथ निर्माण प्रक्रिया में शामिल निगम इंजीनियरों को जवाब देने नोटिस जारी किया था। जवाों के जांच पड़ताल के साहू को जांच अधिकारी बनाया है। हाईकोर्ट में पेश किये गए शासकीय रिपोर्ट में कुछ आईएएस और निगम इंजीनियरों के अलावा ठेकेदारों के नाम है।

              मामले में मणिशंकर पाण्डेय ने दस्तावेजों के साथ हस्तक्षेप याचिका दायर कर कोर्ट में अपनी बातों को रखने का निवेदन किया था। मणिशंकर ने बताया कि हस्तक्षेप याचिका में कोर्ट से निवेदन किया था कि मुझे भी अनपी बातों को रखने का अवसर दिया जाए। दोषी अधिकारियों,ठेकेदारों और इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ठेकेदार को पुरानी सड़क तोड़कर नए सिरे से सड़क बनाने का निर्देश दिया जाए।

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