ग्रामीणों ने पूछा..कहां गए कलेक्टर

IMG_20151222_141440बिलासपुर– सेमरताल आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के खाताधारकों ने आज हजारों की संख्या में राष्ट्रीय वादी कांग्रेस के बैनर तले कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। कार्यालय में कलेक्टर के नहीं होने पर ग्रामीणों  ने जमकर हंगामा मचाया। पुलिस को उन्हें नियंत्रित करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इस दौरान भारी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित थीं। खाताधारकों का आरोप है कि आदिम जाति सहकारी सेवा समिति ने उनके करोंड़ों रूपयों को हजम कर गया है। उनकी गाढ़ी कमाई को लौटाने से इंकार कर रहा है।

                       सेमरताल में संचालित आदिम जाति सहकारी सेवा समिति से जुड़े 12 गांव के दो हजार खाताधारकों ने आज कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों ने बताया कि हमने अपनी खून पसीने की गाढ़ी कमाई को बैंक में जमा किया है। इस उम्मीद के साथ कि वह हमारे बुरे समय में काम आए। लेकिन बैंक प्रशासन ही हमारे लिए बुरा साबित हो गया है। हजारों की संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे महिला और पुरूष खाताधारकों ने बताया कि हम कई महीने से सहकारी समिति का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन बिना पैसे दिये लौटा दिया जा रहा है। उन्होने बताया कि जितनी बार जाते हैं प्रबंधक नए-नए बहाने बनाकर हमें लौटा देता है।

                     ग्रामीणों के अनुसार कभी कहा जाता है कि प्रबंधक नहीं है तो कभी कहा जाता है कि समिति का पैसा खर्च हो गया है। दो चार दिन बाद सबके रूपए मिल जाएंगे। आज तक दो चार दिन खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि सबकी अपनी अलग-अलग जरूरत है। किसी को शादी करना है तो किसी को बीज अनाज और खाद खरीदना है। लेकिन बैंक प्रबंधन हर उन्हें किसी ना किसी बात का बहाना बनाकर लौटा देता है।

                         ग्रामीणों के अनुसार 12 गांव के दो हजार लोगों का खाता आदिम जाति सेवा सहकारी बैंक में है। बैंक प्रबंधक भी बदल गया है। अब बोला जा रहा है कि बैंक में पैसे नहीं है। जब आयेगा तो दिया जाएगा। हमने अपने पैसे के लिए कोनी थाने में भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने नारेबाजी लगाते हुए कहा कि प्रबंधक से हमारा पैसा वापस दिलवाया जाए। जब तक कलेक्टर आदेश नहीं देते हैं तब तक हम लोग कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।

                             हांलाकी पुलिस ने सूझबूझ के साथ सभी ग्रामीणों को वापस लौटाया। इस दौरान सक्षम अधिकारियों ने फरियाद को भी सुना। लेकिन ग्रामीण पूछते रहे कि कहां गए कलेक्टर।हम उनसे बिना मिले कहीं नहीं जाएंगे।

           अपनी फरियाद को सक्षम अधिकारी के सामने रखते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि पन्द्रह दिन पहले भी हमने कलेक्टर के सामने लिखइत रूप से फरियाद की थी। पन्द्रह दिन के अन्दर रूपए वापस दिलाने का आश्वासन दिया गया था । लेकिन आज तक हमें कानी कौड़ी भी नहीं मिली है। यदि जल्द न्याय नहीं मिलता है तो हम लोग उग्र प्रदर्शन करेंगे।

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