ग्रामीणों ने मांगा रूपया…संकट मे कर्मचारी नेता

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20160531_143951बिलासपुर– जिला सहकारी बैंक का आज सेमरताल के ग्रामीणों ने घेराव किया। नाराज ग्रामीणों ने बताया कि आश्वासन के बाद भी उन्हें जमा की गयी राशि नहीं मिली है। सोसायटी और बचत बैंक के प्रबंधक  बदतमीजी और पैसा नहीं देने की धमकी दे रहे हैं। सीईओ ने नाराज ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं को मामले से अवगत कराया। सेमरताल बचत बैंक प्रबंधक और संचालक मंडल को पीडि़तों की समस्याओं को तीन के भीतर निराकरण करने को कहा है।

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                                   सेमरताल बचत बैंक के खाताधारकों ने आज जिला सहकारी बैंक का घेराव किया। ग्रामीणों ने बताया कि आश्वासन के बावजूद उन्हें अभी तक रूपए नहीं मिले हैं। संचालक और प्रबंधक उन्हे डरा धमकाकर भगा रहे हैं। नाराज खाताधारकों ने सीईओ अभिषेक तिवारी को बताया कि हमें डर है कि इतनी लड़ाई के बाद भी कहीं उनका रकम डूब ना जाए।

             मालूम हो कि सेमरताल बैंक के 37 सौ किसानों के करीब ढाई करोड़ रूपए से अधिक राशि को तात्कालीन प्रबंधक और कर्मचारियों ने आहरण कर किसानों को करोड़ों रूपए का चूना लगाया है। शिकायत और आंदोलन के बाद सरकार ने खाताधारकों के साथ अन्याय नहीं होने का आश्वासन दिया था। सीईओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि शासन ने जिला सहकारी बैंक के माध्यम से बचत बैंक से प्रभावित किसानों के लिए तीन करोड़ रूपए जारी कर दिया है। अभी तक भुगतान हो जाना चाहिए था। फिर भी सबको तीन के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा।

तीन दिन में हो जाएगा भुगतान

             जिला सहकारी बैंक के सीईओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि उप पंजीयक से बातचीत हो गयी है। उन्होने बताया कि तीन दिन के भीतर सभी खाताधारकों का भुगतान कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। शासन ने सेमरताल सोसायटी के लिए तीन करोड़ भेज दिया है। रूपए अकांउट में पहुंच भी गया है। शायद संचालक मंडल की बैठक नहीं होने के कारण भुगतान में देरी हुई है। बैंक प्रबंधक को जल्द से जल्द भुगतान करने को कहा है।

कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

                             जिला सहकारी बैंक के सीईओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि नियम विरूद्ध कर्मचारियों की भर्ती को शासन ने गंभीरता से लिया है। कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश हो चुका है।बैंक में नियम विरूद्ध भर्ती कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है। कलेक्टर भी मामले को लेकर गंभीर हैं। सीईओ ने बताया कि 236 कर्मचारियों को निष्कासन का आदेश है। 161 कर्मचारियों को नियम विरूद्ध प्रमोट किया गया है। सभी पर कार्रवाई होगी।

                               सीजी वाल से अभिषेक तिवारी ने बताया कि निष्कासन और रिवर्ट के बाद कर्मचारियों की भर्ती नियम के अनुसार होगी। कर्मचारियों को प्रमोट भी किया जाएगा। मालूम हो कि देवेन्द्र पाण्डेय के कार्यकाल में सैकड़ों कर्मचारियों भर्ती विरूद्घ किया गया है। कर्मचारियों के प्रमोशन में वरिष्ठता को ध्यान नहीं दिया गया। कई कर्मचारी मात्र तीन से पांच के भीतर प्रबंधक बन गए। अभिषेक तिवारी ने बताया कि जांच में पांच सौ से अधिक कर्मचारियों की भर्ती और प्रमोशन मेें गड़बड़ी मिली है।

                           मालूम हो कि इसके पहले भी बैंक ने नियम विरूद्ध भर्ती मामले में 106 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुका है। बहरहाल कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों में दहशत है। बर्खास्तगी और रिवर्ट से बचने कर्मचारी एकजुट होने लगे हैं। कर्मचारी नेता घनश्याम तिवारी ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल दोषियों को प्रशासन बचा रहा है। भर्ती पक्रिया से खिलवाड़ तात्कालीन संचालक मंडल और चेयरमैन ने किया है। पहले उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

घनश्याम पर भी गिरेगी गाज

                                 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के लेखापाल घनश्याम तिवारी को रिवर्ट कर चपरासी बनाया जा सकता है। घनश्याम तिवारी की भर्ती अनुकम्पा नियुक्ति से हुई है। घनश्याम तिवारी वर्तमान में बैंक कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष है। उन्होने तत्कालीन संचालक मंडल और चेयरमैन की विशेष कृपा हासिल कर चपरासी से लेखापाल का सफर चन्द सालों में ही तय कर लिया। जबकि उनसे वरिष्ठ कई कर्मचारी आज भी प्रमोशन के इंतजार में बूढे हो रहे हैं।

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