घटिया शौचालय बने तो इंजीनियर और एसडीएम जिम्मेदार

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बिलासपुर । जिले   के ग्रामीण क्षेत्रों में 41 हजार 616 शौचालयों का निर्माण किया जायेगा। प्रत्येक विकासखण्ड में लगभग 6 से 8 हजार शौचालय बनाए जायेंगे। जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रबंधन समिति की बैठक में उक्ताशय की जानकारी दी गई।
उक्त बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2015-16 में प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण का मासिक लक्ष्य तय किया गया। बिल्हा में माह मार्च 2016 तक 7891 शौचालय, मस्तूरी में 7830, तखतपुर में 8419, कोटा में 7589, मरवाही में 3806 और गौरेला में 6081 शौचालय बनाये जायेंगे। इसके साथ ही इस वर्ष के अंत तक 119 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त ग्राम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सीईओ ने 15 अगस्त तक प्रत्येक विकासखण्ड में 50-50 शौचालयों का सुपर स्ट्रक्चर तैयार करने कहा तथा गढ्डे खोदने का कार्य बारिश के के बाद किया जायेगा।
सीईओ ने गुणवत्ता विहीन शौचालय निर्माण पर कड़ी कार्यवाही करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि एक शौचालय गुणवत्ताहीन पाया गया तो सब इंजीनियर और उससे ज्यादा पाए गए तो पीएचई के ई.ई. और एसडीएम को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने स्कूलों में स्वच्छता केबिनेट दल गठित करने तथा प्रत्येक स्कूल में गठित उक्त दल की सूची स्कूलों के दीवारों में लिखने कहा। उन्होंने बताया कि शासन से वेतन या मानदेय प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के घर में अनिवार्य रूप से शौचालय बनें। शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, प्रेरक आदि के घरों में शौचालय अनिवार्य रूप से बनाए जाए। उन्होंने बताया कि जिले में 03 लाख 30 हजार ग्रामीण परिवार है, जिनमें से एक लाख 56 हजार घरों में शौचालय हैं। शेष घरों में शौचालय निर्माण स्वच्छ भारत मिशन के तहत् प्राथमिकता में शामिल होगा।

बैठक में सभी एसडीएम, पीएचई के ई.ई., सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।

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