घुटकू सहकारी बैंक हुआ दिवालिया

                                     BANK                                   ग्राम पंचायत घुटकू के सहकारी समिति के बैंक में अपने खून पसीने की कमाई जमा करने वाले हितग्राही अपने रूपए को लिए दर दर भटक रहे हैं। थक हार कर ग्रामीण आज जीलाधीश के दरबार में पहुंचे। हितग्राहियों ने कलेक्टर से मिलकर फरियाद की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने सहकारी समिति बचत बैंक में अपना रकम जमा किया है। इन रूपयों को जब भी निकालने बैंक पहुंचते हैं उन्हें रूपए नहीं मिलते। यदि मिलता है तो केवल आश्वासन। यह प्रक्रिया पिछले पांच-छः महीने से चल रहा है।

                               कुछ ग्रामीणों ने बताया कि घर में शादी का माहौल है लेकिन आज हमारे पास रुपया नहीं है। जब भी बैंक जाते हैं तो हमें अपने ही रूपयों के लिए मैनेजर के सामने गिड़गिड़ना पड़ता है। घर बहुत मुश्किल से चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बचत बैंक उनके गाड़े पसीने की कमाई जमा है। कुछ हितग्राहियों ने बताया कि उन्होंने अपना खेत बेचकर बैंक में लाखों रूपए जमा किये हैं। वह भी बेटी की शादी के लिए । आज शादी सिर पर है लेकिन हमें हमारा रूपया ही नहीं मिल रहा है।

                      ग्रामीणों ने कलेक्टर से बताया कि अपने रूपयों के लिए कई बार जिला सहकारी बैंक के भी चक्कर लगाए लेकिन वहां से भी हमें निराशा ही हाथ लगी है। ग्रामीणों ने गुहार लगाते हुए कहा कि यदि सहकारी बैंक उनकी गाढ़ी कमाई नहीं लौटाता है तो उनके सामने आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

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