मेरा बिलासपुर

चिटफंड कार्यालय में छापा..पकड़ में आया जालसाज

IMG_20151016_135609बिलासपुर— सिविल लाइन पुलिस ने आज रियल स्टेट के बहाने लोगों से करोड़ों रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। आरोपी का नाम राजेश कुमार त्रिवाठी है। आरोपी राजेश अपने दो अन्य साथियों के साथ अग्रसेन चौक स्थित सुपर बाजार से काम को अंजाम दिया करता था। लोगों को पैसा दुगना करने का लालच देकर पैसा जमा कराता था। इसके बदले बांड भी देना बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मामले में अभी जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार राजेश त्रिपाठी ने लोगों को 2011 से अब तक करीब सौ करोड़ रूपए हड़प चुका है।

           सिविल लाइन पुलिस ने एक शिकायत पर अग्रसेन चौक स्थित सुपर बाजार के पांचवे मंजिल से रियल स्टेट के नाम से करोड़ों का चूना लगाने वाले फर्जी कंपनी का पर्दाफाश किया है। जानकारी के अनुसार साल 2011 से अब तक कंपनी ने लोगों को करोड़ों रूपए का चूना लगाया है। सीएसपी लखन पटले ने बताया कि आरोपी और उसके कर्मचारी गांव-गांव घूमकर एजेन्ट के माध्यम से ग्राहक बनाते थे। जमीन का झांसा देकर उनसे पैसे जमा करवाते थे। उन्होंने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार कंपनी को तीन लोग मिलकर चलाते हैं। जिसमें अग्रवाल और तिवारी गायब हैं या नौकरी छोड़ दिये हैं। बहरहाल राजेश कुमार त्रिपाठी को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ चल रही है।

                 रियल कंपनी में रिटायर्ड होने के बाद अपनी पूरी कमाई लगाने वाला फारेस्ट के रिटायर्ड कर्मचारी ने बताया कि उसने अभी तक करीब साढ़े चार लाख रूपए विभिन्न योजनाओं में जमा किया है। पेंशन योजना के तहत उसे 2100 रूपए प्रतिमाह मिलता है। उसने पल्स गोल्ड रियल स्टेट इंडिया लिमिटेड की विभिन्न योजनाओं में करीब साढ़े चौदह लाख मिलना चाहिए। लेकिन कर्मचारी नहीं दे रहे हैं।

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                 सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी का नेटवर्क पूरे प्रदेश में फैला है। सरायपाली, बसना, जांजगीर, समहासमुंद, राजनांदगांव, धमतरी क्षेत्र से ही उन्हें प्रति महीना करई करोड़ की आवक होती है। अकेले सरायपाली से आज चार एजन्टों ने मिलकर तीन करोड़ रूपए राजेश त्रिपाठी के पास जमा किये हैं। कंपनी में कुल 932 एजेंट होना बताया जा रहा है। ये एजेंट गांव-गांव घूमकर जमीन देने के बहाने रूपए इकठ्ठा करते थे। जिन्हें जमीन नहीं चाहिए उन्हें रकम दुगुना करने का झांसा देकर पैसे जमा करवाया जाता था।

             जानकारी के अनुसार कंपनी के पास ना तो जमीन है और ना ही रूपए जमा करने या फिर व्याज में चलाने की बैंक से अनुमति ही है। बावजूद इसके बीच शहर में धोखाधड़ी का करोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। करीब 100 से अधिक ऐसे हितग्राही जिन्होंने रकम दुकाना करने के लिए एक-एक लाख रूपए जमा किये हैं। इसी तरह हजारों की संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिनसे या तो जमीन का लालच देकर या फिर रकम दुगुना करने का झांसा देकर तीन से चार लाख रूपए प्रति व्यक्ति जमा करवाए गये हैं।IMG_20151016_142109

                 पुलिस ने सरायपाली के चारो एंजेंटो को भी अपने हिरासत में लिया है। जिनका नाम टीकाराम नायक, अभिमन्यु पटेल, चन्द्रमणि और संजय यादव है। इन चारों ने आज सरायपाली से तीन करोड़ रूपए वसूलकर राजेश त्रिपाठी के पास जमा किया है।

                   आरोपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि वह जिला कांग्रेस में उपाध्यक्ष है। पुलिस को उसके पास से टीवी -24 का विजिटिंग कार्ड भी मिला है। बताया जा रहा है कि इसमें कई बड़े पत्रकार और नेता भी शामिल हैं। खबर लिखे जाने तक पुलिस कार्रवाई चल रही थी।

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