चुनौती से भरा है अपशिष्ट प्रबंधन का काम..पाण्डेय

Seminar 1बिलासपुर—बायो टॉयलेट और मानव अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर कोचिंग डिपो में कार्यशाला का आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों को वरिष्ठ वैज्ञानिक अनुराग पांडेय ने अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जैव शौचालय के सिद्धांत,  तकनीकी और रख रखाव के बारे में भी बताया।

पाण्डेय ने बताया कि भारतीय रेल का विस्तार 115000 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में है। विशाल नेटवर्क पर प्रतिदिन करीब 10000 गाडियों से 23 मिलियन यात्रियों से अपशिष्ट पैदा होते हैं। यात्रियों से उत्पन्न अपशिष्ट प्रबंधन महत्वपूर्ण और चुनौती भरा है। अब तक करीब 7000 कोचों में जैव शौचालय लगाये जा चुके हैं। साल 2021 तक बचे हुए 50000 कोचों में जैव शौचालय लगा लिया जाएगा।

कोचिंग डिपो बिलासपुर के 193 कोचों में 703 जैव शौचालय लगाये जा चुके हैं। बाकी कोचों में बायोटायलेट लगाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द ही बिलासपुर से गुजरने वाली सभी गाड़ियों में बायोटालेट होगा।  अधिकारियों के अनुसार मानव अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला से रेलकर्मियों को लाभ मिलेगा। राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन को नई गति भी मिलेगी।

वरिय मंडल यांत्रिक इंजीनियर ललित धुरंधर की अगुवाई में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अनिल कुमार, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्य ने अपने सम्बोधन में महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये।

मंडल प्रबंधक ने किया सम्मान

                   बिलासपुर रेल मंडल प्रशासन ने संरक्षा वर्ग के 2 कर्मचारियों को उत्कृृष्ट काम के लिए सम्मानित किया है। मंडल रेल प्रबंधक बी.गोपीनाथ मलिया ने नकद और प्रशस्ति-पत्र देकर दोनों कर्मचारियों की सूझबूझ की  तारीफ की है। सम्मान कार्यक्रम के दौरान वरिय मंडल यांत्रिक अभियंता ललित धुरंधर और वरिय मंडल संरक्षा अधिकारी पी.एन.खत्री विशेष रूप से मौजूद थे।

                       अधिकारियों ने बताया कि 22 फरवरी को वरिष्ठ अनुभाग अभियंता कोरबा यू.आर.मांझी ने कोरबा रेलवे स्टेशन में मालगाडी डोर बंद करने के दौरान हाॅट एक्सल वैगन को डिटेक्ट किया। मांझी ने अपनी सूझबूझ और सतर्कता से संभावित दुर्घटना को टाल दिया। एक अन्य मामले में 15 फरवरी को जी.भास्कर राव गार्ड ने अकलतरा स्टेशन में कार्य के दौरान विपरित दिशा से आ रही मालगाडी में हाॅट एक्सल वैगन कोे डिटेक्ट करते हुए संभावित दुर्घटना को टाला है।

                           सम्मान कार्यक्रम के दौरान रेलवे के सभी आलाधिकारियों ने दोनो कर्मचारियों की जमकर तारीफ की है। मंडल प्रबंधक बी.गोपीनाथ मलिया ने दोनों कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सजगता ही सफलता का मंत्र है।

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