हमार छ्त्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में कबीर का अमिट प्रभाव

kabir

रायपुर ।     मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने  शुक्रवार को  यहां कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में संत कबीर के जीवन दर्शन पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय चौपाल का शुभारंभ करते हुए समारोह को सम्बोधित किया। यह कार्यक्रम ‘कबीर: महान संचारक’ विषय पर आयोजित किया गया है।

मुख्य अतिथि की आसंदी से उन्होंने समारोह में कहा कि संत कबीर ने सहज-सरल शब्दों में और संक्षेप में अपनी वाणी के जरिये समाज को सही दिशा देने का प्रयास किया। छोटे-छोटे दोहों और सांखियों में व्यक्त उनके विचार कालजयी और असीमित हैं, क्योंकि उनकी वाणी में सच्चाई की ताकत है।  यही कारण है कि संत कबीर वास्तव में एक सच्चे संचारक हैं, जिनके शब्दों का समाज पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
डॉ. सिंह ने कहा कि कबीर के विचारों में सच्चाई की ताकत है, इसलिए लगभग छह सौ वर्षों गुजर जाने के बावजूद उनके विचार आज भी प्रासंगिक है और आगे भी रहेंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि संत एक ऐसे दौर में जब लोग राजाओं के खिलाफ और सामाजिक-धार्मिक कुरीतियों के खिलाफ बोलने का साहस नहीं कर पाते थे, उस दौर में संत कबीर ने अपनी वाणी के जरिये सामाजिक विसंगतियों को चुनौती देने का साहस किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जन-जीवन पर संत कबीर का गहरा और अमिट प्रभाव है। यही वजह है कि सच्चाई, सादगी, ईमानदारी और परिश्रम छत्तीसगढ़ वासियों की सहज विशेषता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे गर्व होता है कि मेरे गृह जिले का नाम कबीरधाम है।  उन्होंने संत कबीर के जीवन दर्शन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन की प्रशंसा करते हुए इसकी सफलता की कामना की।
विश्वविद्यालय के कबीर संचार विकास अध्ययन केन्द्र द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने की। समारोह में पंडित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति प्रो. बी.के. कुठियाला, कबीर संचार विकास अध्ययन केन्द्र के अध्यक्ष डॉ. आर. बालाशंकर और अभ्युदय संस्थान (ग्राम अछोटी) के संत राजन महाराज विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कुलपति डॉ. परमार ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर पूर्व मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक, विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और प्राध्यापक उपस्थित थे।

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