मेरा बिलासपुर

छत्तीसगढ़ नहीं अपराधगढ़ कहिए..भूपेश

IMG_20151130_140401बिलासपुर— प्रदेश के मंत्री बेलगाम हो गए हैं। जंगल सफारी के बहाने सरकार को लूटने का अवसर मिलेगा। हजारों साल से खड़े जंगलों को सुरक्षित कर नहीं पा रहे है। चले हैं जंगल सफारी बनाने। सरकार उन्ही काम में हाथ डालती है जहां माल मिलता है। नगद नारायण की उम्मीद होती है। जंगल सफारी में मंत्रियों को धन बेशुमार मिलेगा।  अब  तक सूखे और भूख से 16 लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके सरकार की आंख नहीं खुली है। यह बातें पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

                       भाजपा सरकार ने पिछले 12 साल में अच्छे खासे खुशहाल छ्त्तीसगढ़ को अपराध गढ़ बना दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अपराधियों ा संरक्षण कर रहे हैं। पहले नान में लूटा गया..अब गरीबों का धान लूटा जा रहा है। किसान दाने – दाने  को मोहताज है।  उनकी फसलों को जबरन खरीदा जा रहा है। भूपेश बघेल ने बताया कि सरकार बीमा देने की बात तो करती है। कब और कितना देगी इस बारे में कुछ नहीं कह रही है।

                                  भूपेश बघेल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि किसान न्याय यात्रा से कांग्रेस पार्टी को नफा नुकसान से मतलब नहीं है। कांग्रेस को सिर्फ किसानों के हित से सरोकार है। किसान अधिकार न्याय यात्रा से किसानों के हालात की जो जानकारी सामने आयी है। वह रूह कंपा देने वाली है। भूपेश बघेल ने बताया कि भूख और फसल खराब होने से 16 लोगों ने मौत को लगा लिया है। बावजूद इसके सरकार ने राहत का काम शुरू नहीं किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में अलग-अलग समय पर किसान अधिकार न्याय यात्रा शुरू किया गया। कुछ होने वाले हैं। आज बिलासपुर जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ल की अगुवाई में यात्रा का समापन बिल्हा में हो रहा है।

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                    भूपेश ने बताया कि किसान न्याय यात्रा में गुटबाजी का कोई प्रश्न ही नहीं है। जिला काग्रेस ने यात्रा के जरिए किसानों से संपर्क किया। उसका परिणाम भी अब सबके सामने है। बघेल ने बताया कि प्रदेश में प्रशासनिक अत्याचार हो रहा है। सरकार नाम की कोई जीच प्रदेश में नहीं है। मंत्रियों के मुंह में लगाम नहीं है। महिला सुरक्षित नहीं है। सच्चाई तो यह है कि प्रदेश अब अपराधगढ़ बन गया है।

                                  पत्रकारों से चर्चा करते हुए भूपेश ने बताया कि सर्विलाइंस मशीन से अब नेताओं और अधिकारियों के फोन टेप किये जा रहे हैं। इस मशीन को नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लाया गया था। लेकिन अब विपक्ष को निशाने पर रखकर इसका प्रयोग किया जा रहा है।

                 भूपेश ने बताया कि भीषण आकाल के बाद भी किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया है। धान बेचने पहुंच रहे किसानों को तत्काल रकम नहीं दिया जा रहा है। परेशान किसान नगद के लिए कोचिया के हाथ की कठपुतली बन रहे हैं। किसान धान खरीदी केन्द्र जाने से बचना चाहते हैं। इसकी वजह बिना बताए सोसायटी के कर्ज को समायोजित किया जाना भी है। जिसके चलते किसान परेशान हैं।

                   पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि फोन टेप हो रहा है। ऐसी जानकारी उनके पास है। उन्होंने बताया कि शीतकालीन सत्र को सत्ता पक्ष ने बहुत सोच समझ कर बुलाया है। इसलिए समय भी कम है। जबकि प्रश्न बहुत हैं। टीएस ने कहा कि दो दिन तो श्रद्धांजलि और अन्य गतिविधियों में बीत जाएगा। मात्र चार दिन में समस्याओं पर चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शीतकालीन सत्र का कम बहस के लिए बहुत कम है। जो  निश्चित रणिनीति के तहत प्रश्नों से बचने के लिए किया है।

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